जम्मू, 22 अगस्त जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को बहुप्रतिक्षित 272 किलोमीटर लंबी ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन निर्माण में हुई प्रगति की समीक्षा की जिसके 15 अगस्त 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे की परियोजना के लिए सिन्हा द्वारा बुलाई गई समीक्षा बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव, उपराज्यपाल के सलाहकार के के शर्मा, मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम और उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी शामिल हुए।
प्रवक्ता ने बताया कि उपराज्यपाल को सूचित किया गया कि 27,949 करोड़ रुपये की लागत से 161 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सिन्हा ने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कटरा-बनिहाल मार्ग के बचे हुए काम को 15 अगस्त 2022 तक पूरा करें। उन्होंने परियोजना को समय से पूरा करने में निर्माण एजेंसियों को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।
यह भी पढ़े | Coronavirus in Delhi: राजधानी दिल्ली में आज COVID-19 के 1,412 नए मामले आए सामने, 14 की मौत, 1,230 हुए रिकवर.
प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे अधिकारियों ने निर्धारित समय सीमा में परियोजना को पूरा करने का भरोसा दिया।
उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के तहत 359 मीटर ऊंचा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल का निर्माण चेनाब नदी पर किया जा रहा है। इसके साथ ही इस लाइन पर भारत में पहले केबल आधारित रेलपुल का निर्माण रियासी जिले के अंजी नाले पर किया जा रहा है।
सिन्हा ने रेलवे अधिकारियों को राजौरी-पुंछ और कुपवाड़ा के इलाकों के उन इलाकों में रेल नेटवर्क को जोड़ने का निर्देश दिया जो अबतक इससे नहीं जुड़े हैं।
इसपर रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 22,768 करोड़ की अनुमानित लागत से 223 किलोमीटर जम्मू-पुंछ रेलमार्ग के लिए प्राथमिक सर्वेक्षण का काम पूरा कर वर्ष 2017 में रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि बताया कि बारामूला-कुपवाड़ा के बीच 3,843 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 39 किलोमीटर लंबी रेललाइन बिछाने के लिए सर्वेक्षण का काम पूरा हो चुका है और इस साल जुलाई में इस संबंध में रिपोर्ट सौंपी गई है।
प्रवक्ता ने बताया कि सिन्हा ने रेलवे को दोनों परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने को कहा ताकि मंजूरी के लिए मामले पर वित्त मंत्रालय से चर्चा की जा सके।
प्रवक्ता के मुताबिक उपराज्यपाल ने कोविड-19 की महामारी के बाद कश्मीर में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विस्टाडोम कोच चलाने को कहा ताकि पर्यटक घाटी की खूबसूरती को बेहतर तरीके से देख सकें।
सिन्हा के हस्तक्षेप पर रेलवे ने कोविड-19 महामारी कम होने की सूरत में कठुआ-ऊधमपुर मार्ग पर सवारी गाड़ी चलाने पर सहमति जताई।
प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार के अनुरोध पर रेलवे ने अपने खर्चे पर माधोपुर में रेल सह रोड पुल बनाने पर सहमति जताई ताकि पठानकोट-लखनपुर के बीच यातायात का दबाव कम हो सके।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY