डेल्टा प्लस के खतरे को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जारी रहेगी अदालत की कार्यवाही
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस स्वरूप के खतरे के मद्देनजर 23 जुलाई तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आवश्यक मामलों की सुनवाई करने का निर्णय लिया गया है.
नयी दिल्ली, 28 जून: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस स्वरूप के खतरे के मद्देनजर 23 जुलाई तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आवश्यक मामलों की सुनवाई करने का निर्णय लिया गया है. दिल्ली उच्च न्यायालय की पूर्ण अदालत ने विधिक अधिकारियों, वकीलों तथा अदालत के कर्मचारियों के मूल्यवान जीवन की क्षति को देखते हुए प्रतीक्षा करने और सावधानी बरतने की नीति अपनाई है. आदेश में यह भी कहा गया कि उच्च न्यायालय में तीन जुलाई से 23 जुलाई के बीच सूचीबद्ध सभी लंबित नियमित या गैर जरूरी मामलों की सुनवाई 21 अगस्त से नौ सितंबर के बीच होगी.
इसी प्रकार का आदेश जिला अदालतों के लिए भी जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि सभी विधिक अधिकारियों को जरूरी मामलों और ‘अंतिम दलील’ वाले मामलों की सुनवाई 23 जुलाई तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये करनी होगी और अन्य मामलों को स्थगित करना होगा.
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आदेश में सभी हितधारकों से यथाशीघ्र स्वयं का टीकाकरण करने का भी सुझाव दिया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 28, 2021 06:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

