निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए
निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के दौरान समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को कई राज्यों में प्रशासनिक, सुरक्षा और व्यय निगरानी के मकसद से विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की.
नयी दिल्ली, 2 अप्रैल : निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के दौरान समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को कई राज्यों में प्रशासनिक, सुरक्षा और व्यय निगरानी के मकसद से विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की. आयोग ने कहा कि ये विशेष पर्यवेक्षक शानदार काम की पृष्ठभूमि वाले पूर्व नौकरशाह हैं तथा इनसे कहा गया है कि ये धनबल, बाहुबल और गलत सूचना के चलते पैदा होने वाली चुनौतियों की पृष्ठभूमि में चुनावी प्रक्रिया की सख्ती से निगरानी करें. निर्वाचन आयोग का कहना है कि विशेष पर्यवेक्षकों (सामान्य और पुलिस) को पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में तैनात किया गया है जहां की आबादी सात करोड़ से अधिक है. इनकी तैनाती आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भी की गई जहां लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव भी होना है.
उसने कहा कि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में विशेष व्यय पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं.
सामान्य, व्यय और पुलिस पर्यवेक्षकों के अलावा निर्वाचन आयोग चुनावी राज्यों में विशेष पर्यवेक्षकों को तैनात कर रहा है. आयोग ने कहा कि विशेष पर्यवेक्षक राज्य मुख्यालय में तैनात रहेंगे और यदि जरूरत पड़ी तो उन क्षेत्रों का दौरा करेंगे जो अधिक संवेदनशील हैं और जहां आवश्यक समन्वय की आवश्यकता है. यह भी पढ़ें : गुजरात भाजपा अध्यक्ष ने राजपूत समुदाय से रूपाला को उनके बयान के लिए माफ करने की अपील की
विशेष पर्यवेक्षक दूसरे के काम में हस्तक्षेप किए बिना, जहां भी आवश्यक हो, संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों, विधानसभा सीटों या जिलों में तैनात पर्यवेक्षकों से समय-समय पर अपेक्षित जानकारी मांग सकते हैं. उन्हें निगरानी गतिविधियों में शामिल विभिन्न एजेंसियों के क्षेत्रीय प्रमुखों और नोडल अधिकारियों के साथ सूचना मांगने और समन्वय करने का भी आदेश दिया गया है. विशेष पर्यवेक्षकों का सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष ध्यान होगा और वे प्रलोभनों को रोकने की दिशा में काम करेंगे और जनता की शिकायतों पर सूचना मांगने का भी काम करेंगे. इसके अलावा उनके एजेंडे में झूठे विमर्श गढ़े जाने का मुकाबला करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदान से पहले आखिरी 72 घंटों की निगरानी करना भी शामिल है.
सेवानिवृत्त आईएएस मंजीत सिंह को बिहार में सामान्य विशेष पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है, वहीं पूर्व आईपीएस विवेक दुबे को राज्य में पुलिस विशेष पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है. महाराष्ट्र में, सेवानिवृत्त आईएएस धर्मेंद्र एस गंगवार को सामान्य विशेष पर्यवेक्षक बनाया गया है, जबकि पूर्व आईपीएस एनके मिश्रा को पुलिस विशेष पर्यवेक्षक बनाया गया है. उत्तर प्रदेश में, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अजय वी नायक सामान्य विशेष पर्यवेक्षक हैं और पूर्व आईपीएस अधिकारी मनमोहन सिंह पुलिस विशेष पर्यवेक्षक हैं. इसी तरह, आंध्र प्रदेश में सामान्य विशेष पर्यवेक्षक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राम मोहन मिश्रा हैं और पुलिस विशेष पर्यवेक्षक पूर्व आईपीएस दीपक मिश्रा हैं जो कभी दिल्ली पुलिस में थे.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 02, 2024 05:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

