कोलकाता, दो सितंबर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में कहा कि राज्यों को जीएसटी राजस्व की क्षतिपूर्ति से वंचित करना ‘‘संघीय व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है।’’
उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर राज्यों और केन्द्र के बीच के विश्वास को नहीं तोड़ने का भी अनुरोध किया।
बनर्जी ने अपने पत्र में कहा है कि अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल का यह विचार कि महामारी के दौरान राज्यों को हुए माल एवं सेवा कर राजस्व के नुकसान की क्षतिपूर्ति केन्द्र की जिम्मेदारी नहीं है ‘‘यह सिर्फ बहाना लगता है।’’
जीएसटी काउंसिल की 27 अगस्त को हुई 41वीं बैठक में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 महामारी दैवीय आपदा है जिससे जीएसटी वसूली प्रभावित हुई है और उन्होंने अपनी (केन्द्र के) पॉकेट से राज्यों को क्षतिपूर्ति देने से इंकार कर दिया।
बनर्जी ने लिखा है, ‘‘बंगाल और अन्य राज्यों की ओर से मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप जीएसटी के मुद्दे पर राज्यों और केन्द्र के बीच के उस विश्वास को ना छलें जिसे पूरी दुनिया में सहकारी संघवाद के बेहतरीन उदाहरण के रूप में देखा जाता है।’’
बनर्जी ने प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘राज्यों को जीएसटी राजस्व क्षतिपूर्ति से वंचित करके देश की संघीय राजनीतिक व्यवस्था को असहनीय आघात ना पहुंचाएं।’’
बनर्जी ने चार पन्नों के पत्र में लिखा है, ‘‘माल एवं सेवा कर की जटिलताओं से मैं बहुत दुखी हूं, जो राज्यों के प्रति भारत सरकार के विश्वास और नैतिक जिम्मेदारी के उल्लंघन जैसा है।’’
साथ ही मुख्यमंत्री ने लिखा है कि 'सहमति के फार्मूले' के तहत कर लगाने के अधिकार को छोड़ने के लिए जीएसटी संग्रहण में आने वाली कमी की अगले पांच साल तक पूरी भरपाई का वादा किया गया था।
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