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कांग्रेस ने माकपा पर मतदान प्रतिशत कम करने के लिए चुनावी तंत्र को कब्जे में लेने का आरोप लगाया

केरल की 20 लोकसभा सीट पर मतदान के एक दिन बाद कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य में मतदाताओं को परेशान किया गया और सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने चुनावी तंत्र को अपने कब्जे में ले लिया ताकि मतदान प्रतिशत कम रहे.

कांग्रेस ने माकपा पर मतदान प्रतिशत कम करने के लिए चुनावी तंत्र को कब्जे में लेने का आरोप लगाया
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तिरुवनंतपुरम, 27 अप्रैल : केरल की 20 लोकसभा सीट पर मतदान के एक दिन बाद कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य में मतदाताओं को परेशान किया गया और सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने चुनावी तंत्र को अपने कब्जे में ले लिया ताकि मतदान प्रतिशत कम रहे. कांग्रेस ने 13 राज्यों की 88 लोकसभा सीट के लिए हुए दूसरे चरण के चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन का भरोसा जताते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भाजपा ‘‘समर्थक लहर का बनाया गया फर्जी माहौल ध्वस्त हो गया है.’’ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि देश में पहले दो चरण के मतदान के बाद उन सभी राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ता अच्छे नतीजों को लेकर आश्वस्त हैं, जहां चुनाव हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि केरल में भी हम सभी 20 लोकसभा सीट जीतने को लेकर आश्वस्त हैं.’’

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि माकपा द्वारा चुनावी तंत्र को अपने कब्जे में लिया जाना 2019 के लोकसभा चुनाव की तुलना में इस साल मतदान प्रतिशत कम रहने का एक कारण है. केरल में अत्यधिक राजनीतिक सरगर्मियों के बावजूद कल रात आठ बजे के आंकड़े के अनुसार, मतदान प्रतिशत मात्र 70.22 रहा जो केरल में 2019 के लोकसभा चुनाव की तुलना में काफी कम है. राज्य में 2019 में 77.84 प्रतिशत मतदान हुआ था. वेणुगोपाल ने दावा किया कि राज्य के तीन से पांच प्रतिशत मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन(ईवीएम) में खामियां थीं जिसके कारण चुनाव प्रक्रिया में काफी देरी हुई. यह भी पढ़ें : ‘PM मोदी बदला लेने वाले कोबरा सांप की तरह हैं’, तेलंगाना के CM रेवंत रेड्डी के बिगड़े बोल, BJP ने किया तगड़ा पलटवार

उन्होंने कहा कि इससे मतदाताओं को असुविधा हुई और उन्हें भीषण गर्मी में घंटों लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि ईवीएम में गड़बड़ी के मामले 90 प्रतिशत उन बूथ में हुए जहां संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) मजबूत था. उन्होंने कहा, ‘‘मतदाताओं को परेशानी हुई क्योंकि उन बूथ पर पीने के पानी, बैठने या रोशनी की कोई सुविधा नहीं थी, जहां लोगों को ईवीएम में गड़बड़ी के कारण वोट देने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा.’’ वेणुगोपाल ने दावा किया, ‘‘मतदान प्रतिशत कम करने के उद्देश्य से माकपा ने चुनावी तंत्र पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया था.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन अधिकारियों ने हजारों वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा दिया. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राज्य के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान हुआ और इस पर सवाल उठाने वाले यूडीएफ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर वामपंथी कार्यकर्ताओं ने हमला किया.

उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ वाम दल के ऐसे कथित कदमों के बावजूद यूडीएफ के पक्ष में लहर और राज्य एवं केंद्र सरकारों के खिलाफ सत्ता विरोधी भावना यह सुनिश्चित करेगी कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) केरल में कोई भी सीट नहीं जीत सके. उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, उनकी (माकपा की) गणना गलत हो गई है.’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य में मतदान प्रक्रिया की समीक्षा करेगी और परिणाम के आधार पर अपेक्षित कानूनी कदम उठाए जाएंगे. वेणुगोपाल ने केरल में माकपा के वरिष्ठ नेता ई. पी. जयराजन की भाजपा में शामिल होने की कथित योजना के बारे में राजनीतिक विरोधियों द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया. कांग्रेस नेता ने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शुक्रवार को माकपा नेता के बेटे के आवास पर भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर के साथ जयराजन की मुलाकात का बचाव किया था.

जयराजन के जावड़ेकर से मुलाकात की बात स्वीकारने की मीडिया में प्रकाशित खबरों से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए विजयन ने कहा था कि ऐसी मुलाकातों में कुछ भी गलत नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा था कि हाल ही में लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने खुद जावड़ेकर से बात की थी. विजयन ने साथ ही अपने सहयोगी (जयराजन) को आगाह किया था कि वह अपने संबंधों को लेकर सतर्क रहें. वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘आज वे (माकपा) कह रहे हैं कि यह (बैठक) गलत थी इसलिए अगर जावड़ेकर से मुलाकात करके जयराजन ने गलत किया, तो मुख्यमंत्री भी गलत हैं.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि यह दर्शाता है कि वाम दल और भाजपा के बीच स्पष्ट रूप से समझौता हुआ है. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केरल में माकपा और भाजपा दोनों का उद्देश्य कांग्रेस को नष्ट करना है. वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘लेकिन हमारा पहला और सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा केंद्र में भाजपा सरकार को गिराना है. केरल को छोड़कर हर जगह माकपा इस एजेंडे को लेकर हमारे साथ है.’’

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2024 03:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).