गुवाहाटी, 11 जुलाई असम के दस जिलों में 3.79 लाख से अधिक लोग अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है।
राज्य में पिछले महीने हुई भारी बारिश ने वहां जबरदस्त तबाही मचाई है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक, राज्य में सोमवार को डूबने से किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है, जिससे इस साल बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 192 पर स्थिर है।
एएसडीएमए के अनुसार, बजली, विश्वनाथ, कछार, चिरांग, हैलाकांडी, कामरूप, मोरीगांव, नगांव, शिवसागर और तामुलपुर जिलों में बाढ़ से अब भी 3,79,200 लोग प्रभावित हैं। कुल मिलाकर इन 10 जिलों में लगभग 5.39 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।
एएसडीएमए के मुताबिक, कछार राज्य में बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित जिला है, जहां 2.08 लाख से अधिक लोग इसकी चपेट में आए हैं। इसके बाद मोरीगांव का स्थान आता है, जहां लगभग 1.42 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
एएसडीएमए बुलेटिन में कहा गया है कि मौजूदा समय में असम में 416 गांव पानी में डूबे हुए हैं, जिससे 5,431.20 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
इसमें बताया गया है कि अधिकारी आठ जिलों में 102 राहत शिविरों और वितरण केंद्रों का संचालन रहे हैं, जहां 5,515 बच्चों सहित कुल 20,964 लोगों ने शरण ले रखी है।
बुलेटिन के मुताबिक, रविवार से लेकर अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 77.1 क्विंटल चावल, दाल, नमक, 327 लीटर सरसों का तेल और अन्य राहत सामग्री वितरित की गई है।
बाढ़ के कारण असम के कई हिस्सों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। उदलगुरी, धेमाजी, धुबरी, बक्सा, बारपेटा, कामरूप और मोरीगांव में बुनियादी ढांचा सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
बुलेटिन के अनुसार, असम में फिलहाल कोई भी नदी खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही है।
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