UP Shocker: परिवार ने रिश्तेदार की हिरासत में मौत का आरोप लगाया, पुलिस ने किया इनकार
लखीमपुर खीरी में पुलिस छापेमारी के बाद मारे गए एक व्यक्ति के परिवार के सदस्यों ने कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उनके रिश्तेदार की मौत पुलिस हिरासत में हुई.
लखीमपुर खीरी (उप्र), 9 जनवरी : लखीमपुर खीरी में पुलिस छापेमारी के बाद मारे गए एक व्यक्ति के परिवार के सदस्यों ने कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उनके रिश्तेदार की मौत पुलिस हिरासत में हुई. पुलिस ने उनके दावों का खंडन करते हुए कहा कि मारा गया व्यक्ति गैंगस्टर अधिनियम के तहत आरोपी था और सोमवार रात छापेमारी के दौरान पुलिस से भागते समय उसकी मौत हो गई. एक पुलिस उपाधीक्षक द्वारा मृतक के परिवार के सदस्यों से बात करने का एक कथित वीडियो ऑनलाइन सामने आया है. वीडियो में लखीमपुर के डीएसपी पी पी सिंह यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि इस घटना को लेकर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
वीडियो में लखीमपुर के पुलिस उपाधीक्षक पीड़ित परिवार से यह कहते दिख रहे हैं, ‘‘ना तो निघासन थाना के एसएचओ (थाना प्रभारी) को निलंबित किया जाएगा और ना ही आपको 30 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा. जो चाहे करो.. लाश चाहे जितने दिन रखो.’’ इस घटना का वीडियो समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी साझा किया है. मृतक के परिजनों के मुताबिक, रामचंद्र (35) को ‘‘सोमवार की रात अवैध शराब बनाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था लेकिन पुलिस हिरासत में उसकी तबियत बिगड़ गई और उसे एक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई.’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘‘निर्दयी पार्टी’’ करार दिया. यह भी पढ़ें : Pravasi Bharatiya Conference: पीएम मोदी ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ सम्मेलन का आज करेंगे उद्घाटन
रामचंद्र के परिजनों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस पर रामचंद्र की हत्या करने का आरोप लगाया. उन्होंने इस मामले की जांच किए जाने और 30 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक मृतक के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा. परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस उनकी सहमति के बगैर शव को पोस्टमार्टम के लिए जबरदस्ती लेकर गई.
इन आरोपों पर जवाब देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने दावा किया कि रामचंद्र गैंगस्टर कानून के तहत आरोपी था और दबिश के दौरान भागने के दौरान उसकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि वह पुलिस हिरासत में नहीं मरा. उन्होंने पोस्टमार्टम के बारे में कहा कि चिकित्सकों के एक पैनल ने पोस्टमार्टम किया और इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मृत्यु का कारण सदमा लगना था और विसरा सुरक्षित रखा गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 09, 2025 01:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

