देश की खबरें | मादक पदार्थ के खिलाफ कार्रवाई, अतिक्रमण विरोधी अभियान किसी समुदाय के प्रति लक्षित नहीं: बीरेन सिंह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार की ‘‘मादक पदार्थ के खिलाफ मुहिम’’ और आरक्षित वनों में अतिक्रमण हटाने के अभियान किसी खास समुदाय के प्रति लक्षित नहीं हैं।
इम्फाल, 16 सितंबर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार की ‘‘मादक पदार्थ के खिलाफ मुहिम’’ और आरक्षित वनों में अतिक्रमण हटाने के अभियान किसी खास समुदाय के प्रति लक्षित नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले छह साल में 60,000 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किये गए हैं और 18,000 हेक्टेयर में अफीम की खेती नष्ट की गई और यह स्वाभाविक है कि इस तरह के अभियानों से प्रभावित लोग परेशान होंगे।
सिंह ने यहां प्रेस क्लब में ‘ऑल वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन’ के स्वर्ण जयंती समारोहों में अपने संबोधन में कहा, ‘‘जब मैं मीडिया के पेशे में था, मादक पदार्थ की समस्या के कारण बड़ी संख्या में एचआईवी संक्रमण के मामले सामने आये थे। यही कारण है कि मैंने मुख्यमंत्री बनने के बाद मादक पदार्थ की समस्या का हल करने के बारे में सोचा। इसने पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मादक पदार्थों के खिलाफ मुहिम चला रखी है। यह किसी समुदाय को प्रति लक्षित नहीं है।’’
आरक्षित वनों में अतिक्रमण हटाने संबंधी अभियान के बारे में सिंह ने कहा, ‘‘मैं वनों को बचाना चाहता हूं। यह अभियान केवल पर्वतीय क्षेत्रों में ही नहीं चलाया गया। यहां तक कि घाटी के जिलों में भी कई लोगों को अतिक्रमण के कारण हटाया गया।’’
उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र इम्फाल पूर्व में स्थित हेइंगंग और थौबल के वेथौ में भी इस तरह के अभियान चलाये गए।
सिंह ने कहा कि राज्य में 30 से अधिक जनजातियां हैं जिन्हें सरकार ने मान्यता दी है और ‘‘हर किसी को खुद को भारतीय और गौरवान्वित मणिपुरी समझना चाहिए।’’
सिंह ने हिंसाग्रस्त मणिपुर में शांति कायम करने के लिए रचनात्मक चर्चा पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी से अनुरोध करना चाहता हूं कि हमें एकजुट होने की आवश्यकता है क्योंकि यह एक कठिन समय है... हमें शांति लाने के तरीके पर मीडिया में भी अधिक रचनात्मक चर्चा करने की आवश्यकता है।’’
पिछले वर्ष मई से मणिपुर में जातीय हिंसा में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
सिंह ने दावा किया कि अवैध प्रवासियों का आना और मादक पदार्थ की समस्या इस संकट का ‘‘मूल कारण’’ है।
उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे में, ‘‘मुख्यमंत्री सब कुछ नहीं कर सकते।’’ उन्होंने कहा कि जब कई लोग गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश कर रहे हों, तो शांति के बारे में बात करना भी मुश्किल हो जाता है।
सिंह ने ‘यूट्यूबर्स’ से भी अपील की कि वे ‘‘प्रदर्शन स्थलों से सीधा प्रसारण न करें और दूसरों को प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए न उकसाएं।’’
समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘आज मेरे लिए भावनात्मक दिन है। मैंने अपना करियर एक पत्रकार के रूप में शुरू किया था। मैं कई पूर्व सहयोगियों और मार्गदर्शकों से मिला। मैं उन सभी पत्रकारों की सफलता की कामना करता हूं जो इस कठिन समय में काम कर रहे हैं।’’
असम राइफल्स द्वारा कुकी नेशनल आर्मी (बी) के एक सदस्य को अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट से गिरफ्तार किए जाने के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के तौर पर मैं कहता रहा हूं कि मणिपुर में मौजूदा संकट में बाहरी लोग शामिल हैं। असम राइफल्स की गतिविधियों की सराहना करता हूं, जिसने एक म्यामांवासी व्यक्ति गिरफ्तार किया जो केएनए (बी) का कैडर है।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 16, 2024 06:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

