पाकिस्तान में यामाहा का सफर खत्म, कंपनी ने बंद किया बाइक असेंबली प्लांट, जानें इसकी वजह
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पाकिस्तान के ऑटोमोबाइल सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है. जापान की मशहूर कंपनी यामाहा मोटर पाकिस्तान (YMPL) ने देश में अपनी मोटरसाइकिलों की असेंबली (बनाने का काम) बंद करने का ऐलान कर दिया है. कंपनी ने यह फैसला अपनी कारोबारी रणनीति में बदलाव के तहत लिया है.

कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर और डीलरों को भेजे एक पत्र में साफ किया है कि वो बाइक बनाना बंद कर रही है, लेकिन अपने ग्राहकों और डीलरों का साथ नहीं छोड़ेगी. यामाहा के ऑथराइज्ड डीलरों के पास स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई जारी रहेगी और ग्राहकों को पहले की तरह वारंटी और कस्टमर सपोर्ट की सेवाएं भी मिलती रहेंगी.

क्यों आई यह नौबत?

यामाहा पाकिस्तान में चार मॉडल बेच रही थी, जिनकी कीमतें 4,29,500 रुपये से लेकर 4,93,500 पाकिस्तानी रुपये तक थीं. इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि कंपनी की लोकप्रिय बाइक YBR125 जब लॉन्च हुई थी तो उसकी कीमत 1,29,400 रुपये थी, जो पाकिस्तानी रुपये की कीमत गिरने और लागत बढ़ने की वजह से बढ़कर 4,71,500 रुपये हो गई.

यामाहा का सफर पाकिस्तान में उतार-चढ़ाव भरा रहा. 2012 में कंपनी ने कराची में एक नया प्लांट लगाने के लिए 150 मिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की थी. कंपनी के लिए सबसे अच्छा साल 2019 रहा, जब उसने लगभग 25,000 बाइक्स बनाईं और 23,000 से ज्यादा बेचीं. लेकिन इसके बाद बिक्री लगातार गिरती गई और 2025 तक यह अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई, जहां कंपनी ने सिर्फ 4,300 यूनिट्स ही बनाईं.

असफलता के मुख्य कारण

  1. महंगी कीमतें: यामाहा की बाइक्स आम आदमी की पहुंच से दूर हो गईं. एक डीलर के मुताबिक, पाकिस्तान में ज्यादातर लोग 1 लाख से 1.5 लाख रुपये की रेंज वाली बाइक खरीदना पसंद करते हैं, जबकि यामाहा प्रीमियम और महंगी बाइक्स पर ही ध्यान दे रही थी.
  2. कड़ा मुकाबला: बाजार में होंडा, सुजुकी और सस्ती चीनी बाइक्स का दबदबा है, जिनसे यामाहा मुकाबला नहीं कर पाई.
  3. लोकल पार्ट्स का कम इस्तेमाल: कंपनी ज्यादातर पार्ट्स बाहर से आयात करती थी, जिससे बाइक की लागत हमेशा ज्यादा रही. अगर लोकल पार्ट्स का इस्तेमाल ज्यादा होता तो कीमतें कम रखी जा सकती थीं.
  4. बदलती जरूरतें: स्थानीय लोगों की जरूरतें अलग हैं. वे ऐसी बाइक्स पसंद करते हैं जिन पर ज्यादा लोग बैठ सकें या सामान ढोया जा सके. यामाहा के मॉडल इस मामले में पीछे रह गए.

अब आगे क्या?

एक डीलर ने कहा, "एक जापानी कंपनी के प्लांट का बंद होना देश के डीलरों और वेंडरों के लिए चिंता की बात है." उन्होंने यह भी बताया कि अब भविष्य इलेक्ट्रिक बाइक्स (EVs) का है. बाजार धीरे-धीरे पेट्रोल से इलेक्ट्रिक की ओर बढ़ रहा है और इसमें 2-3 साल लग सकते हैं. यहां तक कि बाजार की सबसे बड़ी कंपनी एटलस होंडा ने भी इलेक्ट्रिक गाड़ियां बनानी शुरू कर दी हैं.

हालांकि यामाहा का जाना एक झटका है, लेकिन पाकिस्तान का ओवरऑल मोटरसाइकिल बाजार बढ़ रहा है. वित्त वर्ष 2025 में देश में कुल 16.92 लाख बाइक्स का उत्पादन हुआ, जो पिछले साल के 12.34 लाख यूनिट्स से काफी ज्यादा है. इससे पता चलता है कि बाजार में मांग है, लेकिन शायद महंगी बाइक्स के लिए नहीं.