डब्ल्यूएचओ तय करेगा, मंकीपॉक्स जन स्वास्थ्य आपातकाल का प्रतिनिधित्व करता है या नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि वह यह आकलन करने के लिए अगले सप्ताह एक बैठक बुलाएगा, जिसमें विचार किया जाएगा कि क्या अफ्रीका में पारंपरिक स्थानिक क्षेत्रों के बाहर मौजूदा मंकीपॉक्स का प्रकोप पहले से ही अंतर्राष्ट्रीय चिंता का जन स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) में बदल गया है.
जिनेवा, 15 जून : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वह यह आकलन करने के लिए अगले सप्ताह एक बैठक बुलाएगा, जिसमें विचार किया जाएगा कि क्या अफ्रीका में पारंपरिक स्थानिक क्षेत्रों के बाहर मौजूदा मंकीपॉक्स का प्रकोप पहले से ही अंतर्राष्ट्रीय चिंता का जन स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) में बदल गया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. ट्रेडोस एडनॉम घेब्रेयसस ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा, "मंकीपॉक्स का वैश्विक प्रकोप स्पष्ट रूप से असामान्य और चिंताजनक है."
डॉ. ट्रेडोस ने कहा, "यही कारण है कि मैंने अगले सप्ताह अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के तहत (डब्ल्यूएचओ) आपातकालीन समिति को बुलाने का फैसला किया है ताकि यह आकलन किया जा सके कि क्या यह प्रकोप अंतरराष्ट्रीय चिंता के सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल का प्रतिनिधित्व करता है."बैठक 23 जून को होनी है.
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 39 देशों से अब तक 1,600 से अधिक मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई है और लगभग 1,500 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें सात देश जहां वर्षों से मंकीपॉक्स का पता चला है और 32 नए प्रभावित देश शामिल हैं. पुष्टि किए गए मामलों में से अधिकांश यूरोप में हैं. डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने ब्रीफिंग में कहा कि वे वर्तमान में टीकों की उचित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र विकसित करने के लिए सदस्य देशों और वैक्सीन निर्माताओं के साथ समन्वय कर रहे हैं, वे इस समय मंकीपॉक्स के लिए सामूहिक टीकाकरण की सिफारिश नहीं करते हैं. यह भी पढ़ें : Monkeypox in India: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से मंकीपॉक्स के संदिग्ध मामले में निगेटिव आई रिपोर्ट
मंकीपॉक्स, पहली बार 1958 में प्रयोगशाला बंदरों में पाया गया था, यह जंगली जानवरों से मानव में फैल सकता है. पिछले दो हफ्तों में कई यूरोपीय देशों और उत्तरी अमेरिका में मंकीपॉक्स वायरस के कई समूहों की सूचना मिली है, जो ऐसे क्षेत्र हैं जहां वायरस सामान्य रूप से नहीं पाया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 15, 2022 09:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

