Who was Sheikh Abdulaziz? कौन थे सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती शेख अब्दुलअजीज, जिन्हें PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि?
सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती और सर्वोच्च धार्मिक नेता शेख अब्दुलअजीज बिन अब्दुल्ला का 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. शेख अब्दुलअजीज 1999 से इस पद पर थे और इस्लामी दुनिया में एक सम्मानित विद्वान माने जाते थे.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती, हिज एमिनेंस शेख अब्दुलअजीज बिन अब्दुल्ला बिन मोहम्मद अल अलशेख के दुखद निधन पर गहरी संवेदनाएं. दुख की इस घड़ी में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं सऊदी अरब और उसके लोगों के साथ हैं."
मंगलवार को उनके निधन की घोषणा करते हुए सऊदी रॉयल कोर्ट ने कहा कि रियाद की इमाम तुर्की बिन अब्दुल्ला मस्जिद में असर की नमाज़ के बाद अंतिम संस्कार की नमाज़ अदा की जाएगी. सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने मक्का की ग्रैंड मस्जिद, मदीना की पैगंबर मस्जिद और पूरे देश की सभी मस्जिदों में भी उनकी अंतिम नमाज़ अदा करने का आदेश दिया.
रॉयल कोर्ट ने इस्लाम में शेख अब्दुलअजीज के योगदान को याद करते हुए कहा, "उनके निधन से सऊदी अरब और इस्लामी दुनिया ने एक महान विद्वान खो दिया है."
कौन थे शेख अब्दुलअजीज?
शेख अब्दुलअजीज सऊदी अरब के सर्वोच्च धार्मिक नेता थे, जिन्हें 'ग्रैंड मुफ्ती' कहा जाता है. आइए उनके बारे में कुछ खास बातें जानते हैं:
- सर्वोच्च धार्मिक पद: शेख अब्दुलअजीज 1999 से अपने निधन तक सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती के पद पर थे. यह देश का सबसे बड़ा धार्मिक पद होता है.
- प्रारंभिक जीवन: उनका जन्म 30 नवंबर, 1940 को मक्का में हुआ था. उनका परिवार, अल अश-शेख, इस्लामी विद्वानों के लिए जाना जाता है. उन्होंने बहुत कम उम्र में ही कुरान याद कर ली थी और बड़े विद्वानों से इस्लामी कानून की पढ़ाई की थी.
- शिक्षक की भूमिका: बाद में वे इमाम मुहम्मद इब्न सऊद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बने, जहाँ उन्होंने भविष्य के विद्वानों को इस्लामी कानून पढ़ाया.
- ग्रैंड मुफ्ती के रूप में कार्य: इस पद पर रहते हुए उनकी मुख्य जिम्मेदारियां शरिया कानून की व्याख्या करना, कानूनी और सामाजिक मामलों पर फतवे (धार्मिक आदेश) जारी करना और विभिन्न मुस्लिम समुदायों के बीच एकता को बढ़ावा देना था.
- अंतरराष्ट्रीय प्रभाव: उनका प्रभाव सिर्फ सऊदी अरब तक ही सीमित नहीं था, बल्कि खाड़ी देशों और पूरी दुनिया के मुसलमानों पर था. उन्होंने विभिन्न धर्मों के बीच बातचीत और सहयोग को भी बढ़ावा दिया.
- अन्य महत्वपूर्ण पद: वे वरिष्ठ विद्वानों की परिषद (Council of Senior Scholars) और मुस्लिम वर्ल्ड लीग की सर्वोच्च परिषद के प्रमुख भी थे.
किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उनके परिवार, सऊदी के लोगों और दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है. शेख अब्दुलअजीज के निधन पर मिस्र के ग्रैंड मुफ्ती डॉ. शॉकी अल्लाम समेत दुनिया भर के इस्लामी नेताओं ने भी दुख जताया है, जो मुस्लिम समुदाय में उनके बड़े कद को दिखाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 24, 2025 01:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

