बांग्लादेश में फिर हिंसा का तांडव! शेख हसीना के खिलाफ उग्र प्रदर्शन, ढाका में प्रदर्शनकारियों ने जातीय पार्टी के कार्यालय में की तोड़फोड़
बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सहयोगी पार्टी, जातीय पार्टी के कार्यालय को ढाका में विरोध प्रदर्शनों के दौरान आग लगा दी गई और तोड़फोड़ की गई. इस पार्टी ने शनिवार को ढाका में एक रैली आयोजित करने की घोषणा की थी, जिससे विरोध करने वालों का गुस्सा भड़क गया.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सहयोगी पार्टी, जातीय पार्टी के मुख्यालय को ढाका में उपद्रवियों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया और आग लगा दी गई. यह घटना गुरुवार रात को हुई, जब विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी.
जातीय पार्टी की स्थापना दिवंगत राष्ट्रपति हुसैन मुहम्मद एर्शाद ने की थी. यह पार्टी पहले से ही आवामी लीग के नेतृत्व वाले महा गठबंधन का हिस्सा रही है. पार्टी ने पिछले तीन आम चुनावों में भाग लिया, जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), ने चुनावों का बहिष्कार किया था.
जब जातीय पार्टी ने शनिवार को ढाका में एक रैली आयोजित करने की घोषणा की, तो विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों का गुस्सा भड़क गया. प्रदर्शनकारियों ने चट्र स्रमिक जनता बैनर के साथ मशाल जुलूस निकालते हुए जटिया पार्टी के केंद्रीय कार्यालय के सामने मार्च किया, जिसके बाद झड़पें हुईं.
#WATCH | Bangladesh’s ousted Prime Minister Sheikh Hasina’s coalition, Jatiya Party's central office in Dhaka vandalised and set on fire. pic.twitter.com/nUWQtYkclm
— ANI (@ANI) November 1, 2024
गवाहों के अनुसार, जटिया पार्टी के कार्यालय में आंशिक रूप से नुकसान हुआ, और आग पर काबू पाने के लिए अग्निशामक तत्काल पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने जटिया पार्टी के कार्यालय के सामने एक बड़ा समूह इकट्ठा किया, जहाँ उन्होंने पार्टी के संस्थापक एर्शाद की तस्वीर को अपमानित किया और साइन को नुकसान पहुँचाया. इस दौरान पुलिस और सेना के जवानों को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया.
Bangladesh: Attackers set fire to the headquarters of a Jatiya Party that backed ousted leader Sheikh Hasina@ShivanChanana and @SaroyaHem tell you more
Watch more at https://t.co/dm7SyC0z2e#Bangladesh pic.twitter.com/rdmkg3slc5
— WION (@WIONews) November 1, 2024
गोनो औधिकार परिषद के नेता शकीलुज्जमान ने कहा, “हम जातीय पार्टी के कार्यालय के पास मशाल जुलूस निकाल रहे थे, तभी जटिया पार्टी के सदस्यों ने हमें छत से ईंटें फेंकी.” उन्होंने आरोप लगाया कि जटिया पार्टी ने अपनी ही कार्यालय में आग लगाई और भाग गई. उन्होंने यह भी कहा कि “हम, छात्र, श्रमिक और नागरिक, ने घोषणा की है कि हम जटिया पार्टी को किसी भी रैली का आयोजन नहीं करने देंगे.”
जातीय पार्टी ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनकी ओर से आज बाद में एक औपचारिक प्रतिक्रिया की उम्मीद की जा रही है. दो महीने पहले एक छात्र आंदोलन के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटा दिया गया था, जिसमें हजारों लोग सड़कों पर उतरे थे और हिंसा में 600 से अधिक लोग मारे गए थे. हसीना 5 अगस्त को भारत भाग गई थीं, और इसके बाद नोबेल laureate मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया.
इस घटना ने बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ ला दिया है, जहाँ प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक दलों के बीच का तनाव बढ़ता जा रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 01, 2024 11:01 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

