बिजली की तरह दौड़ने वाले उसैन बोल्ट की अब सीढ़ियां चढ़ते ही फूल जाती है सांस, घर पर ऐसे बिताते हैं समय
Usain Bolt | Facebook

दुनिया के सबसे तेज इंसान कहे जाने वाले उसैन बोल्ट (Usain Bolt) ने अपने करियर में जो इतिहास रचा, वह आज भी बेमिसाल है. आठ बार के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और 11 बार के वर्ल्ड चैंपियन बोल्ट ने 100 मीटर, 200 मीटर और 4×100 मीटर रिले में ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें अब तक कोई तोड़ नहीं पाया. लेकिन अब, रिटायरमेंट के आठ साल बाद, बोल्ट मानते हैं कि समय ने उनके शरीर और लाइफस्टाइल दोनों को बदल दिया है.

बोल्ट ने एक इंटरव्यू में बताया कि अब उनका दिन बेहद सादगी से गुजरता है. सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद अगर कोई जरूरी काम नहीं होता, तो वह घर पर ही सीरीज देखते हैं या फिर लेगो (Lego) से खेलते हैं.

बच्चों के साथ समय बिताते हैं बोल्ट

वह कहते हैं, "मैं बस चिल करता हूं, बच्चों के आने तक समय बिताता हूं, फिर उनके साथ खेलता हूं. जब वे ज्यादा शरारत करते हैं, तो मैं थोड़ा दूरी बना लेता हूं." पांच साल की बेटी ओलंपिया लाइटनिंग और चार साल के जुड़वां बेटे सेंट लियो और थंडर के लिए वह एक साधारण पिता हैं. उन्हें अब तक अंदाजा नहीं कि उनके पापा कभी दुनिया के सबसे बड़े स्टार थे.

अपनी स्पीड के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं बोल्ट

हाल ही में वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान बोल्ट स्टेडियम की स्काईबॉक्स से प्रतियोगिता देख रहे थे. हालांकि आज Oblique Seville जैसे धावक नए चैम्पियन बने हैं, लेकिन बोल्ट की करिश्माई मौजूदगी अब भी ट्रैक एंड फील्ड पर हावी है. उनकी लोकप्रियता आज भी खेल की सीमाओं से कहीं आगे है.

समय का असर: फिट दिखते हैं, पर उतने तेज नहीं

बोल्ट मानते हैं कि खेल से दूर रहने का असर उनके फिटनेस पर पड़ा है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, "जब मैं सीढ़ियाँ चढ़ता हूं, तो मेरी सांस फूलने लगती है. लगता है अब फिर से दौड़ना शुरू करना पड़ेगा, ताकि सांसें सामान्य हो सकें."

बच्चों को दिखाएंगे अपनी विरासत

बोल्ट का मानना है कि उनके बच्चे उनकी महानता को तभी समझ पाएंगे, जब वे उन्हें अगले वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए बीजिंग ले जाएंगे. वही शहर जहां से उनका सुनहरा सफर शुरू हुआ था. वह उन्हें वहां अपने रिकॉर्ड्स और अपने संघर्ष की कहानी सुनाना चाहते हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी भी जाने कि दुनिया का सबसे तेज इंसान कभी उनके घर में ही रहता था.