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US Vs China Tariff War: अमेरिका के 100 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ पर भड़का चीन, डोनाल्ड ट्रंप पर आर्थिक दबाव बढ़ाने का लगाया आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के ऊपर 100 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगाने का ऐलान किया है. इसे लेकर चीन ने रविवार को अमेरिका के फैसले पर निशाना साधा और इस कदम को "दोहरे मानदंडों" का प्रदर्शन बताया. बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि चीन पर लगाए गए ये अतिरिक्त टैरिफ 1 नवंबर से लागू होंगे. ऐसे में एक बार फिर से चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर होता हुआ नजर आ रहा है.

US Vs China Tariff War: अमेरिका के 100 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ पर भड़का चीन, डोनाल्ड ट्रंप पर आर्थिक दबाव बढ़ाने का लगाया आरोप
Donald Trump | X

बीजिंग, 12 अक्टूबर : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चीन के ऊपर 100 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगाने का ऐलान किया है. इसे लेकर चीन (China) ने रविवार को अमेरिका के फैसले पर निशाना साधा और इस कदम को "दोहरे मानदंडों" का प्रदर्शन बताया. बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि चीन पर लगाए गए ये अतिरिक्त टैरिफ 1 नवंबर से लागू होंगे. ऐसे में एक बार फिर से चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर होता हुआ नजर आ रहा है. चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "9 अक्टूबर को, चीन ने रेयर-अर्थ एलिमेंट्स और संबंधित वस्तुओं पर निर्यात नियंत्रण उपाय जारी किए. यह चीनी सरकार द्वारा अपनी निर्यात नियंत्रण प्रणाली को परिष्कृत करने के लिए कानूनों और नियमों के अनुसार की जाने वाली सामान्य कार्रवाई है."

चीनी कॉमर्स मंत्रालय ने कहा, "एक जिम्मेदार प्रमुख देश के रूप में, चीन हमेशा अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय साझा सुरक्षा की दृढ़ता से रक्षा करता है, हमेशा एक न्यायसंगत और उचित सैद्धांतिक रुख अपनाता है, और निर्यात नियंत्रण उपायों को विवेकपूर्ण और उदार तरीके से लागू करता है." यह भी पढ़ें : ट्रंप का बड़ा ऐलान: सर्जियो गोर होंगे भारत में नए राजदूत, डैन स्कैविनो को व्हाइट हाउस में मिली अहम ज़िम्मेदारी

बीजिंग ने वाशिंगटन पर सितंबर से चीन के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिकी टिप्पणी 'दोहरे मानदंड' को दर्शाती है. लंबे समय से, अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है, निर्यात नियंत्रण का दुरुपयोग कर रहा है, चीन के खिलाफ भेदभावपूर्ण कार्रवाई कर रहा है, और सेमीकंडक्टर डिवाइस और चिप्स सहित विभिन्न उत्पादों पर एकतरफा दीर्घकालिक अधिकार क्षेत्र के उपाय लागू कर रहा है."

बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिकी वाणिज्य नियंत्रण सूची (सीसीएल) में 3,000 से अधिक वस्तुएं शामिल हैं, जबकि चीन की दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं की निर्यात नियंत्रण सूची में केवल लगभग 900 वस्तुएं शामिल हैं. चीनी मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने लंबे समय से निर्यात नियंत्रण के जो उपाय अपनाएं हैं, उन्होंने कंपनियों के वैध और कानूनी अधिकारों और हितों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया. अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक और व्यापार व्यवस्था को गंभीर रूप से बाधित किया है, और वैश्विक औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर रूप से कमजोर किया है."

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 12, 2025 12:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).