यूक्रेन युद्ध: अमेरिका और यूक्रेन के बीच सऊदी अरब में बातचीत, निकलेगा हल?
फरवरी के आखिर में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से हुई बहस के बाद यूक्रेन और अमेरिका फिर बातचीत की मेज पर हैं.
फरवरी के आखिर में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से हुई बहस के बाद यूक्रेन और अमेरिका फिर बातचीत की मेज पर हैं. संभावना है कि यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी नेतृत्व से बात कर संघर्ष विराम का प्रस्ताव रख सकता है.अमेरिका और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल के बीच सऊदी अरब के जेद्दाह में बातचीत जारी है. फरवरी के आखिर में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच वाइट हाउस में हुई तीखी बहस के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देश बातचीत की मेज पर साथ बैठे हैं. जेलेंस्की और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो बातचीत के लिए सऊदी अरब पहुंच चुके हैं. हालांकि, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ मौजूद जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ मंगलवार, 11 मार्च को हो रही बातचीत का वह हिस्सा नहीं होंगे.
यूक्रेन की तरफ से जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ आंद्रेय येरमाक, देश के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्रियों समेत शीर्ष सैन्य अधिकारी शामिल होंगे. जेलेंस्की ने कहा, उन्हें उम्मीद है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाली बैठक का "कोई व्यावहारिक नतीजा निकलेगा" और उनके देश पर रूसी जंग खत्म होगी.
अस्थायी संघर्ष विराम की पेशकश कर सकता है यूक्रेन
न्यूज एजेंसी एपी और एएफपी के मुताबिक, अमेरिका के साथ हो रही इस बातचीत में यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल अस्थायी संघर्ष की पेशकश कर सकता है. पहचान जाहिर ना करने की शर्त पर एक स्रोत ने एपी को बताया कि यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ 'रेयर अर्थ मिनरल' समझौते पर दस्तखत करने को तैयार है. फरवरी के आखिर में राष्ट्रपति जेलेंस्की वाइट हाउस गए थे लेकिन ट्रंप के साथ हुई असफल बैठक के बाद इस समझौते पर दस्तखत किए बिना लौट आए. 'रेयर अर्थ मिनरल' डील के तहत अमेरिका, यूक्रेन की खनिज संपदा तक पहुंच चाहता है, जिसे वह बीते समय में दी गई सैन्य मदद की भरपाई की तरह देखता है.
अमेरिका का रुख
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि इस बैठक के लिए सबसे जरूरी बात यह होगी कि "यूक्रेनी मुश्किल कामों को करने के लिए कितने तैयार हैं." रूबियो ने इशारा किया कि अगर बैठक सही जाती है तो यूक्रेन अमेरिका से फिर से आर्थिक मदद की उम्मीद कर सकता है. साथ ही उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ अनाधिकारिक बैठक की संभावनाओं को भी खारिज नहीं किया.
रूबियो ने इस बात पर जोर दिया कि मॉस्को और यूक्रेन- "दोनों को यह समझना होगा कि इस परिस्थिति का कोई सैन्य हल नहीं है." उन्होंने कहा कि "इस जंग का हल कूटनीति और उन दोनों (यूक्रेन और रूस) को बातचीत की मेज तक लाना है, जहां संभव हो सके."
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ट्रंप के दूत विटकॉफ की पुतिन से मुलाकात की खबर
ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ पुतिन से मिलने मॉस्को जा सकते हैं, ब्लूमबर्ग और रॉयटर्स न्यूज एजेंसी ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है. विटकॉफ को ट्रंप ने मध्य-पूर्व इलाके का विशेष दूत नियुक्त किया है. तीन साल से चल रहे यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों में उनकी भूमिका बढ़ती गई है. जनवरी में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद ट्रंप ने पुतिन से मिलने की इच्छा जाहिर की थी.
विटकॉफ फरवरी में भी पुतिन से मॉस्को में मुलाकात कर चुके हैं. वह अपने साथ अमेरिकी अध्यापक मार्क फोगल को लाए थे जिन्हें गांजा रखने के लिए रूस में 14 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी.
यूक्रेन और रूस में हवाई हमले
बातचीत से ऐन पहले यूक्रेन और रूस के कई इलाकों में ड्रोन हमले होने की खबरें सामने आई हैं. यूक्रेनी वायुसेना ने दावा किया है कि उन्होंने 10-11 मार्च की बीच रात कम-से-कम 79 ड्रोन और एक इस्कंदर-एम बैलिस्टिक मिसाइल को रोका है. हालांकि, इस जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है.
यह जानकारी राजधानी मॉस्को को पूरी रात ड्रोन हमलों से निशाना बनाने के रूसी विदेश मंत्रालय के दावे के बाद आई है. रूस ने कहा है कि बीती रात शुरुआती हमले के बाद उसने करीब 337 ड्रोनों को गिराया है. मॉस्को ने हमले के लिए यूक्रेन पर इल्जाम लगाया लेकिन इस पर कीव से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई है.
मॉस्को के मेयर आंद्रेय वोरोबयेव ने एक टेलिग्राम पोस्ट में कहा कि यूक्रेन के ड्रोन हमले में 38 साल के एक सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं. मॉस्को के चार हवाई अड्डों पर कुछ देर के लिए उड़ानें रुकने की खबर भी सामने आई है.
रूस ने कहा, कुर्स्क के कस्बे "आजाद" किए
मॉस्को का दावा है कि रूसी सेना ने सीमा के पास यूक्रेनी बलों को पीछे धकेला है. रूस के कुर्स्क का कुछ इलाका 2024 से ही यूक्रेन के है. हालांकि, हालिया समय में यूक्रेनी बलों को सीमा से लगे इलाके में पीछे हटना पड़ा है. 11 मार्च को रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने "करीब 100 वर्ग किलोमीटर के इलाके पर दोबारा नियंत्रण कर लिया है और 12 बसाहटों को आजाद करा लिया है."
आरएस/आरआर (एपी, एएफपी, रॉयटर्स)
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 12, 2025 01:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

