UK Viral News: ब्रिटेन में अजीबो-गरीब मामला, महिला सहकर्मी को 'आंटी' कहना शख्स को पड़ा भारी, कोर्ट ने लगाया 1.8 लाख रुपये का जुर्माना
ब्रिटेन में एक महिला स्वास्थ्यकर्मी को कार्यस्थल पर 'आंटी' कहना एक सहकर्मी को काफी महंगा पड़ा. अदालत ने इसे उत्पीड़न मानते हुए पीड़ित महिला को करीब 1.8 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है.
UK Viral News: ब्रिटेन से एक बेहद अजीबोगरीब कानूनी मामला सामने आया है. यहाँ एक हेल्थकेयर असिस्टेंट इल्डा एस्टेवेस को उनके सहकर्मी द्वारा बार-बार 'आंटी' कहकर पुकारना कानूनी पचड़े में बदल गया. इल्डा ने इसे अपना अपमान माना और मामले को कोर्ट तक ले गईं. वाटफोर्ड एम्प्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल ने अब इस मामले में फैसला सुनाते हुए महिला के पक्ष में 1.8 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है.
विरोध के बावजूद किया संबोधन का इस्तेमाल
यह मामला वेस्ट लंदन एनएचएस (NHS) ट्रस्ट का है. इल्डा एस्टेवेस ने आरोप लगाया कि उनके टीम लीडर चार्ल्स ओपोंग उन्हें बार-बार 'आंटी' कहते थे. इल्डा ने कई बार ओपोंग को टोका और आग्रह किया कि वे उन्हें नाम से बुलाएं, लेकिन ओपोंग ने उनकी बात नहीं मानी. इल्डा का आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया, तो ओपोंग ने उन पर तंज कसते हुए कहा कि वे "जवान दिखना चाहती हैं", इसलिए उन्हें यह शब्द पसंद नहीं आ रहा. यह भी पढ़े: Bengaluru Shocking News: बेंगलुरु में अजीबो-गरीब मामला, बुजुर्ग को बोरे में भरकर कूरियर करने पहुंचा परिवार, वजह जानकर रह जायेंगे हैरान; VIDEO
संस्कृति की दलील नहीं आई काम
चार्ल्स ओपोंग ने अदालत में अपनी सफाई देते हुए कहा कि वे घाना की संस्कृति से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने दलील दी कि उनकी संस्कृति में उम्र में बड़ी महिलाओं को 'आंटी' कहना सम्मान और आदर का प्रतीक है. हालांकि, जज ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि पेशेवर माहौल (Professional Environment) में किसी की इच्छा के विरुद्ध ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना अनुचित है.
कोर्ट का सख्त रुख और फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान जज ने टिप्पणी की कि दफ्तर में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल एक अपमानजनक माहौल बनाता है. अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही किसी संस्कृति में 'आंटी' कहना सम्मानजनक हो, लेकिन अगर सामने वाले व्यक्ति को यह पसंद नहीं है, तो उसे उस पर थोपा नहीं जा सकता. कोर्ट ने इसे उम्र और लिंग के आधार पर किया गया उत्पीड़न माना.
मुआवजे का आदेश
वाटफोर्ड एम्प्लॉयमेंट ट्रिब्यूनल ने वेस्ट लंदन एनएचएस ट्रस्ट को आदेश दिया कि वे इल्डा एस्टेवेस को मुआवजे के तौर पर £1,425 (लगभग 1.8 लाख रुपये) का भुगतान करें. कोर्ट ने माना कि इल्डा के साथ किया गया व्यवहार उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाने वाला था. इस फैसले ने कार्यस्थल पर भाषा की मर्यादा और व्यक्तिगत पसंद के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2026 11:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

