Ashley Tellis India: भारतीय मूल के टॉप अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ एशले टेलिस गिरफ्तार, खुफिया दस्तावेज रखने का है आरोप
भारतीय मूल के जाने-माने अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ एशले जे. टेलिस को गैर-कानूनी तौर पर खुफिया दस्तावेज़ रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर चीनी अधिकारियों से मिलने का भी शक है और दोष साबित होने पर 10 साल तक की जेल हो सकती है. टेलिस भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के एक प्रमुख वार्ताकार थे.
नई दिल्ली: अमेरिका में भारतीय मूल के एक बहुत बड़े और जाने-माने रक्षा विशेषज्ञ, एशले जे. टेलिस (Ashley Tellis) को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से देश की रक्षा से जुड़े खुफिया दस्तावेज़ अपने पास रखे थे.
64 साल के टेलिस, कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस नाम के एक बड़े थिंक टैंक में सीनियर फेलो हैं और टाटा चेयर फॉर स्ट्रैटेजिक अफेयर्स का पद संभालते हैं. अमेरिकी जांच एजेंसियों ने कुछ समय तक जांच करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया. अधिकारियों का कहना है कि टेलिस ने अमेरिकी कानून का उल्लंघन किया है, जिसमें रक्षा से जुड़ी जानकारी को अनधिकृत रूप से अपने पास रखना एक अपराध है.
चीनी अधिकारियों से मिलने का भी शक
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या टेलिस ने सुरक्षित जगहों से खुफिया दस्तावेज़ हटाए थे और क्या उन्होंने चीनी अधिकारियों के साथ कोई मुलाकात की थी. अमेरिकी अटॉर्नी लिंडसे हॉलिगन ने एक बयान में कहा कि इस तरह के काम "हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा" पैदा करते हैं.
अगर टेलिस पर आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की जेल, करीब 2 करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है और सारे दस्तावेज़ भी जब्त कर लिए जाएंगे. हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया है कि अभी यह सिर्फ एक आरोप है और जब तक अदालत में गुनाह साबित नहीं हो जाता, तब तक टेलिस को निर्दोष माना जाएगा.
कौन हैं एशले जे. टेलिस?
एशले टेलिस को वॉशिंगटन में दक्षिण एशिया और भारत-अमेरिका संबंधों के सबसे बड़े जानकारों में से एक माना जाता है. उन्होंने अमेरिकी सरकार में कई बड़े पदों पर काम किया है. वह भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट (परमाणु समझौते) की बातचीत में एक अहम किरदार थे.
इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में विशेष सहायक के तौर पर भी काम किया है. सरकारी सेवा से पहले, वह रैंड कॉर्पोरेशन में एक सीनियर पॉलिसी एनालिस्ट थे. उन्होंने भारत, पाकिस्तान और चीन की परमाणु ताकत पर कई किताबें भी लिखी हैं.
फिलहाल, मामला अदालत में है और एक जज जल्द ही उनकी जमानत की शर्तों पर फैसला करेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2025 08:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

