पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीजफायर बढ़ाने के कुछ ही घंटों बाद हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं. शुक्रवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पकतीका प्रांत में कई इलाकों पर हवाई हमले किए. इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच शांति वार्ता से पहले ही तनाव गहराता नजर आ रहा है. अफगान मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने पकतीका प्रांत के आर्गुन और बर्मल जिलों में कई घरों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए.
ये क्षेत्र पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर डुरंड लाइन के पास स्थित हैं. अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हमले के बाद स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा है.
दोहा में होने वाली शांति वार्ता से पहले हमला
गौरतलब है कि पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल दोहा (कतर की राजधानी) पहुंच चुका है, जहां अफगान प्रतिनिधिमंडल के शनिवार को पहुंचने की उम्मीद है. इन बैठकों का उद्देश्य सीमा पर बढ़ते तनाव को कम करना और शांति बहाल करने के उपायों पर चर्चा करना है. लेकिन हमले से पहले ही दोनों पक्षों के बीच विश्वास की स्थिति कमजोर होती दिख रही है.
हमले से कुछ घंटे पहले पाकिस्तानी सैन्य कैंप पर आत्मघाती हमला
इसी दिन सुबह उत्तर वजीरिस्तान में पाकिस्तान के एक सैन्य कैंप पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 7 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए. अधिकारियों के अनुसार, एक आतंकी ने विस्फोटक से भरी गाड़ी सैन्य कैंप की दीवार से टकरा दी. इसके बाद दो अन्य आतंकियों ने कैंप में घुसने की कोशिश की लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें मार गिराया.
TTP ने ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी Tehreek-e-Taliban Pakistan (टीटीपी) ने ली है. टीटीपी ने कहा कि यह हमला उनके खालिद बिन वलीद सुसाइड यूनिट और गुलबहादर गुट ने मिलकर अंजाम दिया है. यह हमला ठीक उस समय हुआ जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता की तैयारियां चल रही थीं.
वार्ता पर मंडराते सवाल
अब यह हवाई हमला और आत्मघाती हमला, दोनों ही घटनाएं शांति प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं. विश्लेषकों का मानना है कि अगर सीमा पर ऐसी ही हिंसा जारी रही तो शांति वार्ता आगे नहीं बढ़ पाएगी और दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है.













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