भारत के दबाव का पाकिस्तान पर असर, इमरान सरकार ने लगाया हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत पर प्रतिबंध
पाकिस्तान की इमरान सरकार ने एंटी टेररिज्म एक्ट 1997 के तहत जमात-उद-दावा के साथ-साथ उसकी चैरिटेबल संस्था फलाह-ए-इंसानियत को भी बैन कर दिया है.
इस्लामाबाद: आतंकवादियों (Terrorists) और आंतकवाद (Terrorism) को शह देने वाले पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान (Pakistan) को आखिरकार भारत सैन्य और चौतरफा कूटनीतिक दबाव के आगे झुकना ही पड़ा. यही वजह है कि दुनिया की नजरों में अपनी बची-खुची साख को बचाने के लिए आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कदम उठाना ही पड़ा. चौतरफा दबाव के चलते पाकिस्तान की इमरान सरकार ने मंगलवार को जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammad) के सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) के दो भाई समेत 44 आतंकवादियों को हिरासत में लिया. इमरान सरकार ने इस कार्रवाई के कुछ ही घंटे के भीतर आतंकी हाफिज सईद (Hafiz Saeed) के जमात-उद-दावा (Jama'at-ud-Da'wah) और फलाह-ए-इंसानियत (Falah-e-Insaniat) फाउंडेशन पर भी बैन लगा दिया है.
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इमरान सरकार (Imran Government) ने एंटी टेररिज्म एक्ट 1997 (Anti Terrorism Act 1997) के तहत जमात-उद-दावा के साथ-साथ उसकी चैरिटेबल संस्था फलाह-ए-इंसानियत को भी बैन कर दिया है. बताया जा रहा है कि 4 मार्च को ही पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा को वॉच लिस्ट में रखा था, लेकिन एक दिन में ही उस पर प्रतिबंध लगा दिया.
Hafiz Saeed's Jama'at-ud-Da'wah and its subsidiary Falah-e-Insaniat Foundation banned under Anti Terrorism Act 1997 by Pakistan's Interior Ministry. (file pic) pic.twitter.com/DepWq2ohrT
— ANI (@ANI) March 5, 2019
हालांकि इससे पहले सोमवार को यह खबर आई थी कि पाकिस्तान सरकार हाफिज सईद और मसूद अजहर के आतंकी संगठनों को लेकर लगातार झूठ बोलती रही है. वो लगातार दुनिया को यह बताती रही कि उसकी तरफ से आंतक के इन दोनों आकाओं पर नकेल कसी गई है, लेकिन हकीकत तो यह है कि आधिकारिक तौर पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी. यह भी पढ़ें: पाकिस्तान में जैश के खिलाफ कार्रवाई शुरू, मसूद अजहर के भाई समेत 44 आतंकियों को हिरासत में लिया गया
दरअसल, कुछ दिन पहले ही 26/11 मुंबई हमले के गुनहगार आतंकी हाफिज सईद के इन दोनों संगठनों से बैन हटाया गया था. हालांकि इससे पहले भी कई बार पाकिस्तान में जमात-उद-दावा पर बैन की कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन कई बार हाफिज सईद सरकार के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुका है. बताया जाता है कि हाफिज सईद इन दोनों संगठनों के जरिए 300 धार्मिक शिक्षण संस्थान, स्कूल, अस्पताल, पब्लिशिंग हाउस और एंबुलेंस सर्विसेस चलाता है.
गौरतलब है कि हाफिज सईद इन संगठनों की आड़ में अपने आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता रहा है. पाकिस्तान की सरजमीं पर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के चलते ही अमेरिका और यूरोपियन देशों के फाइनेंशियल टास्क फोर्स यानी एफएटीएफ ने इस मुल्क को ग्रे लिस्ट में डाल दिया था. इतना ही नहीं संयुक्त राष्ट्र ने भी हाफिज सईद को आतंकी घोषित करते हुए उस पर 10 मिलियन डॉलर के ईनाम का ऐलान भी किया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 05, 2019 11:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

