आधी रात को पाकिस्तान का बड़ा फैसला, ISI चीफ असीम मलिक को बनाया नया NSA
पाकिस्तान ने आधी रात को ISI चीफ असीम मलिक को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. यह फैसला पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सख्त प्रतिक्रिया और बढ़ते सैन्य दबाव के बीच लिया गया है. सीमा पर लगातार सीजफायर उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय दबाव से पाकिस्तान पूरी तरह घबराया हुआ नजर आ रहा है.
भारतीय सेना की कार्रवाई से बौखलाया पाकिस्तान अब जल्दबाजी में बड़े फैसले ले रहा है. ताजा मामला पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति से जुड़ा है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने आधी रात को एक चौंकाने वाला निर्णय लेते हुए अपने इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद असीम मलिक को देश का नया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) नियुक्त कर दिया है. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, असीम मलिक को यह जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ा तनाव
पाकिस्तान का यह कदम भारत के तीखे और निर्णायक रुख के बाद आया है. हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारतीय सेना पूरी तरह से सक्रिय हो गई है. भारत की सैन्य तैयारियों और सख्त रणनीति ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है. इसी घबराहट में उसने सुरक्षा नीतियों को मजबूत करने के नाम पर ISI चीफ को NSA की अतिरिक्त जिम्मेदारी दे दी है. यह कदम इस्लामाबाद की रणनीतिक उलझनों को दर्शाता है.
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की फजीहत
हमले के बाद भारत की स्पष्ट नीति और सख्त तेवरों ने पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया है. उसे न केवल भारत की प्रतिक्रिया का डर सता रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उसकी छवि को भारी नुकसान पहुंचा है. आतंकी संगठनों को समर्थन देने के आरोपों के चलते वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की आलोचना हो रही है.
LOC पर सीजफायर उल्लंघन जारी
पाकिस्तान एक ओर जहां राजनीतिक और सैन्य बदलावों में उलझा है, वहीं दूसरी ओर उसकी सेना लगातार नियंत्रण रेखा (LoC) पर सीजफायर का उल्लंघन कर रही है. लगातार सातवें दिन पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, उरी और अखनूर सेक्टर में छोटे हथियारों से फायरिंग की. भारतीय सेना ने हर बार इसका करारा जवाब दिया है. इससे पहले 28, 29 और 30 अप्रैल को भी पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के फायरिंग की थी.
क्या है असीम मलिक की भूमिका?
लेफ्टिनेंट जनरल असीम मलिक की गिनती पाकिस्तान के बेहद प्रभावशाली सैन्य अधिकारियों में होती है. ISI प्रमुख के रूप में वह पहले से ही पाकिस्तान की आंतरिक और बाह्य खुफिया नीति का संचालन कर रहे हैं. NSA की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब उनके पास रणनीतिक फैसलों में और भी ज्यादा ताकत आ गई है. यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या असीम मलिक की दोहरी भूमिका पाकिस्तान की नीतियों में कोई बदलाव ला पाएगी या फिर यह सिर्फ घबराहट में उठाया गया कदम साबित होगा.
भारत की सख्त सैन्य और कूटनीतिक नीति के दबाव में पाकिस्तान इस समय पूरी तरह से अस्थिर नजर आ रहा है. ISI चीफ को NSA की जिम्मेदारी देना इस बात का संकेत है कि इस्लामाबाद अब अपनी रणनीति में बड़े फेरबदल करने की कोशिश कर रहा है. लेकिन जब तक पाकिस्तान अपनी आतंकी सोच को नहीं बदलता, तब तक ऐसे बदलाव उसकी छवि और सुरक्षा स्थिति में कोई सुधार नहीं ला पाएंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2025 08:31 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

