India-Pakistan Ceasefire: 4 दिन बाद सीजफायर! भारत-पाक के बीच कैसे हुआ समझौता? जानें पर्दे के पीछे की कहानी
चार दिन तक चले मिसाइल हमलों और सीमा पार संघर्ष के बाद भारत और पाकिस्तान ने 10 मई की शाम से संघर्षविराम पर सहमति जताई. भारत ने पाकिस्तान पर ड्रोन उल्लंघन का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि हर उल्लंघन का सख्त जवाब मिलेगा. यह समझौता अमेरिका की कूटनीतिक दखल और भारत की सख्त सैन्य नीति के बीच हुआ.
India Pakistan Ceasefire 2025: चार दिन तक चली मिसाइलों की बौछार, ड्रोन हमले और तोपों की गर्जना के बाद भारत और पाकिस्तान ने आखिरकार जमीनी, हवाई और समुद्री मोर्चे पर युद्धविराम का फैसला किया. यह संघर्षविराम 10 मई की शाम से लागू हुआ.
हालांकि इसके कुछ ही घंटे बाद जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और गुजरात के कुछ इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन दिखे और भारतीय सुरक्षाबलों ने उन्हें इंटरसेप्ट किया.
भारत ने इन घटनाओं को संघर्षविराम का उल्लंघन बताया और कहा कि सेना इसका "उचित और प्रभावी जवाब" दे रही है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत इन उल्लंघनों को "बेहद गंभीरता" से ले रहा है.
क्या हुआ था बीते चार दिनों में?
10 मई की सुबह भारतीय वायुसेना ने ब्रह्मोस-ए क्रूज मिसाइलों के जरिए पाकिस्तान के वायुसेना ठिकानों पर निशाना साधा. सबसे पहले हमला रावलपिंडी के पास चकलाला और पंजाब प्रांत के सरगोधा में हुआ. ये दोनों जगहें पाकिस्तान की सैन्य ताकत के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती हैं.
इसके बाद खबरें आईं कि पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कई अन्य बेस जैसे जैकबाबाद, भोलारी और स्कार्दू को भी निशाना बनाया गया.
तनाव बढ़ा तो पाकिस्तान को अमेरिका की याद आई
हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान की रक्षा प्रणाली में अलर्ट जारी हुआ, जिससे साफ था कि उन्हें लगा भारत अब उनके परमाणु ठिकानों को निशाना बना सकता है.
इसी डर के चलते पाकिस्तान ने अमेरिका से मदद की गुहार लगाई. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका पहले से ही दोनों देशों के संपर्क में था, लेकिन परमाणु ठिकानों को लेकर खतरे ने उसे ज्यादा सक्रिय कर दिया.
सूत्रों का कहना है कि अमेरिका ने पाकिस्तान से साफ कहा कि वह भारतीय सेना से सीधी बातचीत करे और हालात को और न बिगड़ने दे.
भारत का रुख सख्त, लेकिन सतर्क
10 मई की दोपहर 3:35 बजे पाकिस्तान के DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने भारतीय DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को फोन किया. यही कॉल संघर्षविराम की शुरुआत बनी.
भारत ने यह साफ किया कि वह किसी भी औपचारिक बातचीत या मध्यस्थता के पक्ष में नहीं है. सरकार के मुताबिक, अगर पाकिस्तान पीछे नहीं हटता तो अगला कदम भारत की ओर से ऊर्जा और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाना होता.
भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लिए गए फैसले – जैसे कि सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से निलंबित करना – संघर्षविराम से प्रभावित नहीं होंगे.
संघर्षविराम तो हो गया है, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करेगा. पाकिस्तान की ओर से ड्रोन गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं.
अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि यह संघर्षविराम कितने दिन टिकेगा और क्या पाकिस्तान अपने वादों पर कायम रहेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2025 08:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

