Civil Defence Mock Drill: कश्मीर से गुजरात तक, पाकिस्तान से सटे बॉर्डर इलाकों में कल फिर बड़ी मॉक ड्रिल
भारत-पाक तनाव के बीच सरकार ने सीमावर्ती राज्यों में 29 मई को नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का ऐलान किया है. यह अभ्यास हालिया पहलगाम आतंकी हमले के बाद नागरिकों की सुरक्षा और प्रशासन की तैयारियों की जांच के लिए किया जा रहा है. हमले के जवाब में भारत ने सैन्य, कूटनीतिक और डिजिटल मोर्चों पर सख्त कदम उठाते हुए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया.
28 मई 2025, नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के तनावों के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने सीमावर्ती राज्यों में नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) मॉक ड्रिल आयोजित करने का फैसला किया है. गुरुवार, 29 मई 2025 को शाम 4 बजे, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात जैसे पाकिस्तान से सटे राज्यों में यह मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी. इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को सुरक्षा और बचाव के तरीकों से अवगत कराना और प्रशासन की तैयारियों को परखना है.
मॉक ड्रिल का मकसद
यह मॉक ड्रिल भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश पर आयोजित की जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध या अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को सुरक्षित रखने और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है. हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, भारत ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है. इस ड्रिल के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी.
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया. इस हमले में 26-28 पर्यटकों की मौत हुई, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था. आतंकियों ने एके-47 से करीब 20 मिनट तक ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिसे पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसकी प्रॉक्सी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने अंजाम दिया. भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया और तत्काल कूटनीतिक, आर्थिक और सैन्य कदम उठाए. हमले के बाद भारत ने अटारी-वाघा बॉर्डर बंद कर दिया, सिंधु जल समझौता निलंबित किया, और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया. पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी गई, और सभी राजनयिकों को वापस बुलाने का फैसला लिया गया.
हमले के अगले दिन, 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) की बैठक हुई, जिसमें पांच बड़े फैसले लिए गए. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध लगाए, जिसमें सभी आयात-निर्यात पर रोक और डाक-पार्सल सेवाओं का निलंबन शामिल था. पाकिस्तान के स्टॉक मार्केट (KSE-100 इंडेक्स) में भारी गिरावट देखी गई, और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पाकिस्तान की जीडीपी वृद्धि का अनुमान 3% से घटाकर 2.6% कर दिया. भारत ने डिजिटल स्ट्राइक के तहत कई पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों, जैसे Dawn, Geo News, और ARY News, को ब्लॉक कर दिया, जिनके कुल 6.3 करोड़ सब्सक्राइबर थे. जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने कुपवाड़ा, उरी, और बारामूला में आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज किए, जिसमें दो आतंकी ढेर हुए और 15 ठिकानों पर छापेमारी की गई.
7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद, सियालकोट, कोटली और बहावलपुर में 21 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के 100 आतंकी शामिल थे, के मारे जाने की पुष्टि हुई. भारतीय सेना ने इन हमलों को लक्षित और सटीक बताया, जिसमें केवल आतंकी ठिकाने निशाना बनाए गए. जवाब में, पाकिस्तान ने 9-10 मई की रात भारत के 26 स्थानों, जैसे जम्मू, पठानकोट, फिरोजपुर, और कच्छ, पर ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश की, लेकिन भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने इन्हें नाकाम कर दिया. भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के चार एयरबेस और सैन्य ठिकानों को नष्ट किया, जिससे 35-40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए. इस दौरान दोनों देशों ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए, और पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ गीदड़भभकी दी.
10 मई को डीजीएमओ स्तर की बातचीत के बाद दोनों देशों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई. भारत ने अपनी शर्तों पर सीजफायर लागू किया, जिसमें आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई और सीमा पर शांति की गारंटी शामिल थी. इस बीच, जम्मू-कश्मीर में एनआईए और सुरक्षा बलों ने आतंकियों की तलाश तेज की, जिसमें लश्कर के आतंकी हाशिम मूसा और अली भाई के स्केच जारी किए गए. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिका और ब्रिटेन ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया, जबकि चीन ने पाकिस्तान का साथ दिया. पहलगाम हमले ने कश्मीर में पर्यटन को बुरी तरह प्रभावित किया, लेकिन स्थानीय लोग और सुरक्षा बल हालात सामान्य करने में जुटे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 28, 2025 02:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

