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PAK: आतंकी हाफिज सईद के खूंखार बेटे का अपहरण, जिंदा है या मुर्दा? ISI भी नहीं लगा पा रही पता

नकाबपोश लोगों द्वारा कथित तौर पर अपहरण किए जाने के बाद लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक हाफिज सईद के बेटे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. हाफिज सईद का बेटा कमालुद्दीन सईद भी आईएसआई समर्थित आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है.

PAK: आतंकी हाफिज सईद के खूंखार बेटे का अपहरण, जिंदा है या मुर्दा? ISI भी नहीं लगा पा रही पता
(Photo Credit : Twitter)

नई दिल्ली, 30 सितंबर नकाबपोश लोगों द्वारा कथित तौर पर अपहरण किए जाने के बाद लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक हाफिज सईद के बेटे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. हाफिज सईद का बेटा कमालुद्दीन सईद भी आईएसआई समर्थित आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है. सूत्रों ने नकाबपोश लोगों द्वारा कमालुद्दीन के अपहरण की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है और कहा कि हो सकता है कि उसे आईएसआई संरक्षण के तहत सुरक्षित केंद्रों में से एक में स्थानांतरित कर दिया गया हो.

इस बीच, कमालुद्दीन के ठिकाने के बारे में अफवाहें विभिन्न जिहादी गुटों के बीच बेचैनी पैदा कर रही हैं, जो हाल ही में लश्कर के सदस्यों की मौत से और बढ़ गई है. कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर में पिछले दिनों एक प्रमुख मौलवी और लश्कर-ए-तैयबा के संचालक मौलाना जियाउर रहमान की हत्या के बाद, ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं जो संकेत देती हैं कि आईएसआई के सुरक्षित घरों को पाकिस्तान में एक दर्जन से अधिक आतंकवादियों और उनके समर्थकों के लिए आश्रय स्थलों में बदल दिया गया है.

रहमान को एक पार्क में शाम को टहलते समय अज्ञात हमलावरों ने करीब से कई बार गोली मारी थी.रिपोर्टों में कमालुद्दीन के भाई तल्हा के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाने का भी सुझाव दिया गया है, जो भारत के खिलाफ अभियानों का नेतृत्व कर रहा है और लश्कर के सेकेंड-इन-कमांड की स्थिति रखता है. लाहौर में 2019 में हत्या के प्रयास में उसके जीवित बचे रहने को लश्कर के भीतर आंतरिक कलह से जोड़ा गया है.

एक ख़ुफ़िया अधिकारी ने बताया, तल्हा के अपने पिता के पद पर आसीन होने और लश्कर के पैसे पर उसके नियंत्रण ने कथित तौर पर संगठन के पुराने सदस्यों के बीच असंतोष को बढ़ावा दिया है. हाफ़िज़ सईद की ओर से संभावित प्रतिशोध और बढ़ती आंतरिक कलह के बारे में चिंताएँ बनी हुई हैं, जिससे लश्कर की परिचालन क्षमताओं के ख़त्म होने का ख़तरा है। इन चिंताओं को कम करने के लिए, आईएसआई सक्रिय रूप से शत्रु गुटों के बीच युद्धविराम की मध्यस्थता कर रहा है.

खुफिया सूत्रों ने कहा कि आकस्मिक उपाय के रूप में, उन्होंने 'प्लान बी' तैयार किया है जिसमें जम्मू-कश्मीर में द रेजिस्टेंस फ्रंट की स्थापना शामिल है। इस वैकल्पिक रणनीति ने अप्रत्याशित घटनाक्रम के लिए तैयार होकर सीमा पार से समर्थन प्राप्त किया है. जियाउर रहमान की हालिया हत्या वांछित आतंकवादी और खालिस्तान कमांडो फोर्स प्रमुख परमजीत सिंह पंजवार की हत्या से मिलती जुलती है.

जियाउर रहमान की तरह, परमजीत सिंह पंजवार की भी मई में लाहौर में सुबह की सैर के दौरान अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. विशेष रूप से, यह रावलकोट में अबू कासिम कश्मीरी और नाज़िमाबाद में कारी खुर्रम शहजाद की पिछली मौतों के बाद इस तरह की तीसरी हत्या है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 30, 2023 07:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).