Sonth Ke Fayde: किसी औषधि से कम नहीं है सोंठ, सर्दियों में इसका सेवन देता है चमत्कारिक परिणाम
सोंठ का उल्लेख आयुर्वेदिक ग्रंथ चरक संहिता के "हरितवर्ग" अध्याय में किया गया है. अध्याय के प्रथम श्लोक में अदरक के बारे में जानकारी दी गई है और इसी अध्याय में सूखी अदरक के बारे में चर्चा की गई है. ऐसी औषधि जो बदलते मौसम में पेट संबंधी रोगों के लिए रामबाण मानी जाती है.
नई दिल्ली, 24 दिसंबर : सोंठ का उल्लेख आयुर्वेदिक ग्रंथ चरक संहिता के "हरितवर्ग" अध्याय में किया गया है. अध्याय के प्रथम श्लोक में अदरक के बारे में जानकारी दी गई है और इसी अध्याय में सूखी अदरक के बारे में चर्चा की गई है. ऐसी औषधि जो बदलते मौसम में पेट संबंधी रोगों के लिए रामबाण मानी जाती है.
उत्तर प्रदेश के हरदोई में शतायु आयुर्वेदा एवं पंचकर्म केंद्र चलाने वाले डॉक्टर अमित कुमार ने सोंठ के फायदों के बारे में विस्तार से बताया. डॉक्टर अमित कुमार के अनुसार, सोंठ जोड़ों में दर्द, कमर में दर्द या गठिया जैसी समस्याओं में बहुत प्रभावी होती है. सोंठ में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व आर्थराइटिस के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं. इसके अलावा, इसका सेवन मांसपेशियों की सूजन को कम करने में भी कारगर होता है. सोंठ लगभग सभी आयुर्वेदिक औषधियों में उपयोग होती है. यह भी पढ़ें : सर्दियों के मौसम में गर्भवती महिलाओं को सतर्क रहने की जरूरत
यह पाचन क्रिया में मदद करती है, जिससे भोजन को पचाने में सहारा मिलता है और अग्नि को प्रदीप्त करती है. इसके अलावा, इम्यूनिटी सिस्टम को बूस्ट करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. चिकित्सक के मुताबिक, " मसाले के रूप में भी सोंठ का प्रयोग किया जाता है. यदि भोजन से पहले या बाद में सोंठ, जीरा, सौंफ और गुड़ का पाउडर मिलाकर पेय बनाकर सेवन किया जाए तो यह पाचन को उत्तेजित करने के लिए बहुत प्रभावी होता है."
डॉक्टर अमित ने आगे कहा, "सोंठ का सेवन जठराग्नि को बल देने में सहायक होता है, जिससे भूख बढ़ती है. इसे भोजन के बाद या किसी अन्य रूप में लेने से पाचन अच्छा होता है, और इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है. जब पाचन सही होता है, तो शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से मजबूती आती है. इसके अलावा, यदि मल का विसर्जन सही से हो तो स्वास्थ्य बेहतर रहता है और शरीर में कोई कफ संबंधी विकार नहीं होते हैं. इसलिए, इसका नियमित सेवन शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखता है. यह तथ्य भी देखने को मिलता है कि गाय के बछड़े के जन्म के समय पशु चिकित्सक भी सोंठ का उपयोग करते हैं."
उन्होंने कहा, "आयुर्वेदिक चिकित्सक कई प्रकार के रोगों के उपचार में सोंठ का इस्तेमाल करते हैं. यह पाइल्स के लिए भी एक प्रभावी औषधि मानी जाती है. इसके अलावा, यह लीवर की सफाई और अग्नि को प्रदीप्त करने में भी मदद करता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी भूख कम हो. "
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 24, 2024 04:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

