नई दिल्ली: बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार (Muhammad Yunus-Led Interim Government) को अमेरिका (US) के साथ हाल ही में किए गए एक 'गुप्त' व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platform) 'नॉर्थईस्ट न्यूज' (Northeast News) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूनुस सरकार (Yunus Government) ने अमेरिका की व्यावसायिक और आर्थिक मांगों के आगे ‘घुटने टेक दिए’ हैं. विशेषज्ञों का आरोप है कि इस समझौते के तहत बांग्लादेश को मिलने वाले फायदे बहुत कम हैं, जबकि भविष्य के लिए वित्तीय बोझ और शर्तें काफी सख्त हैं. यह भी पढ़ें: Hindu Man Killed in Bangladesh: बांग्लादेश चुनाव से पहले एक और हिंदू की हत्या, मैमनसिंह में व्यापारी सुशेन चंद्र सरकार की गला रेतकर हत्या; लाखों की लूट
मामूली टैक्स कटौती और सख्त शर्तें
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने बांग्लादेश पर लगने वाले टैक्स में महज 1 प्रतिशत की कटौती की है (20% से घटाकर 19%). यदि इसमें मौजूदा 15% टैक्स जोड़ दिया जाए, तो कुल टैक्स अभी भी 34 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बना हुआ है.
हैरानी की बात यह है कि इस 1 प्रतिशत की मामूली रियायत को पाने के लिए अंतरिम सरकार ने एक 'नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट' (NDA) पर हस्ताक्षर किए हैं. जानकारों का मानना है कि इस गोपनीयता समझौते के जरिए सरकार ने देश के आर्थिक हितों से जुड़े फैसलों की शक्ति एक तरह से गिरवी रख दी है.
समझौते की महंगी शर्तें: बोइंग से लेकर LNG तक
इस व्यापार सौदे में कई ऐसे प्रावधान शामिल हैं जो बांग्लादेश के खजाने पर भारी पड़ सकते हैं:
- विमानों की खरीद: 53,000 करोड़ टका की लागत से 25 बोइंग विमानों की खरीद का समझौता.
- गेहूं का आयात: अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 35 लाख टन गेहूं बाजार भाव से डेढ़ गुना अधिक कीमत पर खरीदना.
- LNG सौदा: एक्सलरेट एनर्जी (Excelerate Energy) से अगले 15 वर्षों के लिए करीब 1 लाख करोड़ टका की एलएनजी (LNG) बाजार दर से महंगी कीमतों पर खरीदना.
- श्रम कानून: ईपीजेड (EPZ) क्षेत्रों के भीतर भी ट्रेड यूनियन गतिविधियों की अनुमति देने के लिए श्रम कानूनों में संशोधन. यह भी पढ़ें: Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में सत्ता से बेदखल और पार्टी पर बैन के बीच शेख हसीना के लाखों समर्थक अब किधर जाएंगे? किसे होगा फायदा; जानें विशेषज्ञों की राय
क्या अंतरिम सरकार के पास है यह अधिकार?
इस समझौते ने बांग्लादेश के भीतर एक संवैधानिक और नैतिक बहस छेड़ दी है. अर्थशास्त्री अनु मुहम्मद ने 'बीबीसी बांग्ला' से बात करते हुए सवाल उठाया कि एक अंतरिम सरकार, जिसका प्राथमिक कार्य केवल न्याय, सुधार और चुनाव कराना था, वह इतने महत्वपूर्ण दीर्घकालिक समझौते कैसे कर सकती है?
विपक्ष और नागरिक समाज के बीच यह डर बना हुआ है कि इन समझौतों का बोझ भविष्य में आने वाली चुनी हुई राजनीतिक सरकारों को उठाना पड़ेगा.
संकट में टेक्सटाइल सेक्टर
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका से महंगी दरों पर कपास (Cotton) आयात करने की शर्त पर बांग्लादेश को टेक्सटाइल क्षेत्र में ड्यूटी-फ्री लाभ दिए गए थे. हालांकि, वास्तविकता इसके उलट दिख रही है. पिछले 18 महीनों में बांग्लादेश की 200 से अधिक गारमेंट और टेक्सटाइल फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं, जिसके कारण लगभग 2 लाख श्रमिकों ने अपनी नौकरियां खो दी हैं.
ऐसे समय में जब देश पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, अमेरिका के साथ यह 'गुप्त' डील मोहम्मद यूनुस की एडवाइजरी काउंसिल के लिए एक बड़ी विफलता बताई जा रही है.












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