विदेश

मालदीव: सत्तारूढ़ मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसदीय चुनावों में जीत का मनाया जश्न

सत्तारूढ़ मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (Maldivian Democratic Party) ने रविवार को ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया क्योंकि प्रारंभिक परिणामों में दर्शाया गया है कि उसके उम्मीदवारों ने संसदीय चुनावों में शानदार जीत हासिल की और जो द्वीप राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है...

मालदीव: सत्तारूढ़ मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसदीय चुनावों में जीत का मनाया जश्न
मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (Photo Credit- Twitter)

माले:  सत्तारूढ़ मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (Maldivian Democratic Party) ने रविवार को ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया क्योंकि प्रारंभिक परिणामों में दर्शाया गया है कि उसके उम्मीदवारों ने संसदीय चुनावों में शानदार जीत हासिल की और जो द्वीप राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, शनिवार रात चुनाव आयोग के प्रारंभिक नतीजों के अनुसार, एमडीपी ने पीपल्स मजलिस की 87 सीटों में से 62 पर जीत हासिल की है.

पार्टी ने तीनों प्रमुख शहरों और आबादी वाले द्वीपों से सीटें जीती हैं. इसने वे प्रमुख सीटें भी जीती हैं जो पहले मालदीव के विपक्षी दल प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव्स के कब्जे में था. 2009 और 2014 में हुए पिछले संसदीय चुनावों में एमडीपी 26 से अधिक सीटों को हासिल करने में नाकाम रहा था.

यह भी पढ़ें: News 24 के कार्यक्रम में ‘गद्दार’ कहे जाने पर भड़के कांग्रेस प्रवक्ता, बीजेपी नेता और एंकर पर फेंका पानी- देखें VIDEO

राष्ट्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी एक पार्टी ने 2008 के नए संविधान के बाद बहुदलीय लोकतंत्र के आगमन के बाद संसद में भारी बहुमत हासिल किया है. शनिवार की वोटिंग बिना किसी बड़ी शिकायत के हुई संपन्न हुई और करीब 78 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले. करीब 264,689 लोग वोट देने के पात्र थे.

एमडीपी समर्थकों ने शनिवार देर रात राजधानी माले में एक विजय रैली का आयोजन किया जहां राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह और पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने उत्साही भीड़ को संबोधित किया. नशीद, जिन्होंने एक सीट भी जीती है उन्होंने अपने वादों को पूरा करने का वादा किया.

उन्होंने मौजूद सैकड़ों लोगों से कहा, "हमारा सबसे बड़ा काम यह सुनिश्चित करना है कि हमारे राष्ट्रपति की सरकार सुचारू रूप से और शांतिपूर्ण तरीके से चलती रहे." चार पार्टी गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में सितंबर में राष्ट्रपति बने सोलिह ने गठबंधन के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

उन्होंने कहा, "लोगों का आज का फैसला इस बात का सबूत है कि आप अभी भी 23 सितंबर को किए गए फैसले के साथ खड़े हैं. आपने भ्रष्टाचार को कभी वापस नहीं लाने का फैसला किया है." नव-निर्वाचित संसद भ्रष्टाचार, अपहरण और हत्याओं की जांच के लिए गठित राष्ट्रपति आयोगों को कानूनी अधिकार देगी.

गठबंधन साझीदार जुमहोरे पार्टी (जेपी) के उपाध्यक्ष फैसल नसीम और पर्यटन मंत्री अली वहीद भी शनिवार रात की जश्न रैली में शामिल हुए. हालांकि, जेपी नेता गैसीम इब्राहिम जिन्होंने संसदीय चुनाव के लिए विपक्ष के साथ गठबंधन किया था उन्होंने एमडीपी के बहुमत हासिल करने पर गठबंधन सरकार छोड़ने का संकेत दिया.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 07, 2019 12:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).