मालदीव में PM मोदी का जोरदार स्वागत, राष्ट्रपति मुइज्जू ने की तारीफ, भारत की धमक से चीन के पेट में उठा दर्द
प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव यात्रा बेहद सफल रही, जहाँ राष्ट्रपति मुइज्जू ने उन्हें 'सबसे भरोसेमंद साथी' बताते हुए गर्मजोशी से स्वागत किया. भारत ने मालदीव को 565 मिलियन डॉलर की मदद का ऐलान किया, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हुए. भारत-मालदीव की इसी बढ़ती दोस्ती से चीन चिढ़ गया है, जिसकी बौखलाहट उसके सरकारी मीडिया में साफ दिखाई दे रही है.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मालदीव यात्रा ने भारत और मालदीव के रिश्तों में एक नई जान फूंक दी है. इस यात्रा के दौरान न केवल दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए, बल्कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भी पीएम मोदी की दिल खोलकर तारीफ की. भारत और मालदीव की इस बढ़ती नजदीकी से चीन को ज़बरदस्त मिर्ची लगी है, और उसकी बौखलाहट सरकारी मीडिया में साफ दिख रही है.
मोदी के लिए मालदीव में उमड़ा प्यार
पीएम मोदी, मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए. यह किसी भी विदेशी नेता के लिए एक बड़ा सम्मान था, खासकर तब जब राष्ट्रपति मुइज्जू ने कुछ समय पहले ही सत्ता संभाली है. राष्ट्रपति मुइज्जू ने खुद एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें "सबसे भरोसेमंद साझेदार" बताया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की इस यात्रा से मालदीव में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा.
यह वही मुइज्जू हैं जो चुनाव प्रचार के दौरान "इंडिया आउट" अभियान से जुड़े थे, लेकिन अब उनके बदले हुए सुर दोनों देशों के बीच एक सकारात्मक भविष्य का संकेत दे रहे हैं.
भारत ने खोला दिल, की मदद की बौछार
इस दोस्ती को और मजबूत करते हुए, पीएम मोदी ने मालदीव के विकास के लिए 565 मिलियन डॉलर (करीब 4800 करोड़ रुपये) की एक नई क्रेडिट लाइन (आसान शर्तों पर कर्ज) का ऐलान किया. इसके अलावा, दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर भी बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी. भारत ने मालदीव को कई वाहन और उपकरण भी सौंपे, जो दोनों देशों के बीच गहरे रक्षा संबंधों को दर्शाता है.
A boost to India-Maldives friendship!
Here are highlights from the extremely productive Maldives visit. pic.twitter.com/5jKJjvJukG
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2025
चीन क्यों हुआ परेशान?
भारत और मालदीव की यह दोस्ती चीन को रास नहीं आ रही है. चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने एक आर्टिकल में भारतीय मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है. चीनी एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय मीडिया इस यात्रा को ऐसे दिखा रहा है जैसे मालदीव में चीन का प्रभाव कम हो गया है.
सिंघुआ यूनिवर्सिटी के एक चीनी एक्सपर्ट कियान फेंग ने ग्लोबल टाइम्स में लिखा, "भारतीय मीडिया का नजरिया पुरानी 'जीरो-सम गेम' वाली मानसिकता को दिखाता है," जिसका मतलब है कि वे सोचते हैं कि अगर भारत को फायदा हो रहा है, तो चीन को नुकसान होना तय है.
चीन को याद आए मुइज्जू के पुराने बयान
चीनी मीडिया ने यह भी याद दिलाया कि राष्ट्रपति मुइज्जू ने इसी साल जनवरी में चीन का दौरा किया था और कहा था कि मालदीव हमेशा चीन का "सबसे करीबी साथी" बना रहना चाहता है. चीनी एक्सपर्ट्स का मानना है कि मालदीव, भारत और चीन दोनों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. वे इस बात पर भी जोर दे रहे हैं कि मालदीव चीन के महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का भी हिस्सा है.
साफ है कि पीएम मोदी की सफल मालदीव यात्रा ने हिंद महासागर में भारत की स्थिति को और मजबूत किया है. जहां एक तरफ मालदीव के साथ रिश्ते पटरी पर लौट आए हैं, वहीं दूसरी तरफ चीन अपनी घटती पकड़ को लेकर चिंतित हो गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 27, 2025 02:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

