Fake Pizza Hut Store Inaugurated in Pakistan: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Defence Minister Khawaja Asif) इन दिनों एक अजीबोगरीब वजह से चर्चा में हैं. मंगलवार, 20 जनवरी को उन्होंने सियालकोट में बड़े उत्साह के साथ एक 'पिज्जा हट' आउटलेट का उद्घाटन किया. हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही घंटों बाद अंतरराष्ट्रीय फूड चेन 'पिज्जा हट' की पाकिस्तान शाखा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि सियालकोट में खुला यह आउटलेट पूरी तरह फर्जी है और ब्रांड के साथ इसका कोई कानूनी संबंध नहीं है.
रिबन काटा और बन गए ट्रोलिंग का शिकार
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में पीएमएल-एन (PML-N) के वरिष्ठ नेता ख्वाजा आसिफ को सियालकोट कैंट इलाके में स्टोर का रिबन काटते देखा जा सकता है. इस आउटलेट पर पिज्जा हट का आधिकारिक 'रेड रूफ' लोगो और नाम इस्तेमाल किया गया था. जैसे ही यह खबर फैली, लोगों ने स्टोर की प्रामाणिकता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. इसके तुरंत बाद असली फ्रेंचाइजी मालिकों ने स्पष्टीकरण जारी कर मंत्री के स्टाफ की लापरवाही को उजागर कर दिया.
पिज्जा हट पाकिस्तान ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कंपनी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए कहा:
"पिज्जा हट पाकिस्तान अपने ग्राहकों को सूचित करता है कि सियालकोट कैंट में खुला आउटलेट अनाधिकृत है और हमारे ब्रांड नाम का गलत इस्तेमाल कर रहा है. इस स्टोर का पिज्जा हट पाकिस्तान या यम! ब्रांड्स (Yum! Brands) से कोई परिचालन संबंध नहीं है."
कंपनी ने आगे बताया कि यह आउटलेट अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों और व्यंजनों का पालन नहीं करता है. ट्रेडमार्क के उल्लंघन को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई गई है.
सरकारी तंत्र और स्टाफ पर उठे सवाल
इस घटना ने पाकिस्तान में एक नए विवाद को जन्म दे दिया है. आलोचकों का कहना है कि एक संघीय रक्षा मंत्री को किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के उद्घाटन के लिए भेजने से पहले उनके स्टाफ ने बुनियादी जांच (Due Diligence) क्यों नहीं की. सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे "पाकिस्तान का असली चेहरा" बता रहे हैं, जहां मंत्री अनजाने में एक अवैध व्यवसाय को बढ़ावा दे रहे थे.
पुरानी घटनाओं से तुलना
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की नकल की गई हो. इससे पहले भी स्टारबक्स (Starbucks) की नकल "सत्तार बख्श" के रूप में की जा चुकी है, लेकिन वह एक व्यंग्यात्मक नाम था. हालांकि, सियालकोट के मामले में सीधे तौर पर लोगो और नाम की चोरी की गई है. ख्वाजा आसिफ के कार्यालय ने अभी तक इस चूक पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह मुद्दा पाकिस्तान में टॉप ट्रेंड बना हुआ है.













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