इस्लामाबाद: पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) का एक वीडियो सोशल मीडिया (social Media) पर तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है, जिसने वहां की आपातकालीन सेवाओं और सार्वजनिक सुरक्षा ढांचे की पोल खोल दी है. इस वीडियो में एक रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए पहुंचे दमकलकर्मी (Firefighters) आधुनिक 'फायर टेंडर' या 'प्रेशर होज' के बजाय हाथों में पानी की बाल्टियां लेकर दौड़ते नजर आ रहे हैं. इस दृश्य को देखकर न केवल वहां मौजूद चश्मदीद दंग रह गए, बल्कि इंटरनेट पर भी लोग पाकिस्तान की तकनीकी स्थिति का मजाक उड़ा रहे हैं. वायरल क्लिप के साथ किए जा रहे दावों के अनुसार, यह घटना एक घनी आबादी वाले मोहल्ले की है. जब स्थानीय लोगों ने आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी, तो उन्हें उम्मीद थी कि दमकल की गाड़ियां आधुनिक साजो-सामान के साथ आएंगी.
हालांकि, मौके पर पहुंचे कर्मचारी बाल्टियों से पानी भरकर आग पर डालते दिखे. वीडियो में एक राहगीर को बचाव दल की तैयारी पर सवाल उठाते हुए सुना जा सकता है. लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा दिखा कि शहरी क्षेत्र की आग बुझाने के लिए भी मशीनीकृत उपकरणों का अभाव है. यह भी पढ़ें: Fatima Jatoi and Arohi Mim: भारत में क्यों ट्रेंड कर रहे हैं पाकिस्तान-बांग्लादेश के ‘लीक वीडियो’? साइबर एक्सपर्ट्स ने किया बड़ा खुलासा
पाकिस्तान में 'बाल्टी' से आग बुझाते दमकलकर्मी
When a fire broke out in Pakistan, locals called the fire brigade.
But the firefighters had no proper equipment - they were trying to put out the flames by filling water in buckets and throwing it on the fire.
Pakistan has truly become a joke now. pic.twitter.com/IKH1YUQCFk
— Saffron Chargers (@SaffronChargers) January 24, 2026
वीडियो के वायरल होते ही नेटिजन्स ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और बदहाल इंफ्रास्ट्रक्चर को आड़े हाथों लिया. एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, 'हे भगवान! पाकिस्तान अभी भी पाषाण काल (Stone Age) में जी रहा है.' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'इनके काम करने की रफ्तार देखिए. ऐसा लग रहा है जैसे वे सिर्फ दिखावा कर रहे हैं. उन्हें पता है कि इस तरह आग नहीं बुझेगी, लेकिन वे बस औपचारिकता पूरी कर रहे हैं.' कुछ लोगों ने दमकलकर्मियों का बचाव करते हुए कहा कि इसमें कर्मचारियों की गलती नहीं है, बल्कि सरकार की है जो उन्हें बुनियादी उपकरण तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है.
हालांकि इस वीडियो की सटीक जगह और समय की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इन दृश्यों ने पाकिस्तान में सार्वजनिक सुरक्षा प्रणालियों, फंडिंग और प्रशिक्षण पर एक गंभीर बहस छेड़ दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो आधुनिक आपातकालीन सेवाओं की उम्मीदों और जमीनी हकीकत के बीच के गहरे अंतर को दर्शाता है.
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में संसाधनों की कमी के कारण बचाव कार्यों में ऐसी लापरवाही देखी गई है. इससे पहले भी कई बार तकनीकी खराबी और रसद की कमी के चलते बड़े हादसों में जान-माल का भारी नुकसान हो चुका है.













QuickLY