Hantavirus Outbreak on Cruise Ship: अटलांटिक महासागर में केप वर्डे के पास खड़े डच एक्सपेडिशन शिप 'MV होंडियस' (MV Hondius) पर हंतावायरस (Hantavirus) के प्रकोप ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) (WHO) ने पुष्टि की है कि इस घातक वायरस के कारण अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ अन्य संक्रमित हैं. जहाज पर कुल 149 लोग फंसे हुए हैं, जिनमें दो भारतीय क्रू मेंबर (Indian Crew Member) भी शामिल हैं. कई बंदरगाहों द्वारा डॉकिंग की अनुमति न मिलने के कारण जहाज वर्तमान में समुद्र में ही लंगर डाले हुए है. यह भी पढ़ें: क्रूज शिप 'MV Hondius' पर हंतावायरस का प्रकोप: यात्रियों को 8 सप्ताह तक रहना पड़ सकता है क्वारंटीन, 3 की मौत
भारतीय नागरिकों की स्थिति
जहाज के मैनिफेस्ट के अनुसार, इस क्रूज पर 23 देशों के नागरिक सवार हैं. ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स (Oceanwide Expeditions) ने जहाज पर दो भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौजूदगी की पुष्टि की है. हालांकि, सुरक्षा और गोपनीयता के कारणों से उनकी पहचान और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का खुलासा नहीं किया गया है. स्वास्थ्य अधिकारी जहाज पर मौजूद सभी कर्मियों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, क्योंकि इसमें 'एंडीज वायरस' (Andes virus) स्ट्रेन की पहचान हुई है, जो इंसानों से इंसानों में फैलने में सक्षम है.
कैसे फैला संक्रमण?
माना जा रहा है कि इस संक्रमण की शुरुआत 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआया में एक 'बर्डवाचिंग' टूर के दौरान हुई थी. विशेषज्ञों का अनुमान है कि यात्रियों ने संक्रमित चूहों के मल-मूत्र के सूक्ष्म कणों को सांस के जरिए शरीर में ले लिया होगा. संक्रमण के लक्षण अप्रैल के मध्य में दिखने शुरू हुए, जिनमें तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द और पेट से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं. यह स्थिति तेजी से गंभीर श्वसन संकट (Respiratory Distress) में बदल सकती है.
क्वारंटीन और बचाव कार्य
वर्तमान में जहाज को सख्त क्वारंटीन प्रोटोकॉल के तहत रखा गया है. एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए दक्षिण अफ्रीका भेजा गया है, जबकि अन्य संक्रमितों को जहाज पर ही आइसोलेशन में रखा गया है. डब्ल्यूएचओ ने उन 12 देशों के लिए वैश्विक अलर्ट जारी किया है, जो इस जहाज के यात्रा मार्ग (Itinerary) का हिस्सा थे, ताकि वहां उतरे यात्रियों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा सके.
भारत के लिए जोखिम कम
भारत के चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना से भारतीय मुख्य भूमि (Mainland India) को तत्काल कोई खतरा नहीं है. हंतावायरस आमतौर पर लंबे समय तक करीबी संपर्क के बिना नहीं फैलता है और अभी तक भारत में इस घटना से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है.













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