Andriy Parubiy Shot Dead: यूक्रेनी शहर ल्वीव से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है. यहां देश के पूर्व संसद स्पीकर एंड्री पारुबिय की आज गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना फ्रैंकिव्स्की इलाके (Frankivskyi Area) में हुई, जहां गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने घटना की पुष्टि की और इसे 'भयावह हत्या' बताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मेरी संवेदनाएं पारुबिय के परिवार और करीबी लोगों के साथ हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री इहोर क्लिमेंको (Minister Ihor Klimenko) और अटॉर्नी जनरल रुस्लान क्रावचेंको (Attorney General Ruslan Kravchenko) ने शुरुआती जानकारी दे दी है और अपराधी को पकड़ने के सभी प्रयास किए गए हैं.
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राष्ट्रपति जेलेंस्की ने जताई हैरानी
Ukraine’s Minister of Internal Affairs Ihor Klymenko and Prosecutor General Ruslan Kravchenko have just reported the first known circumstances of the horrendous murder in Lviv. Andriy Parubiy was killed. My condolences to his family and loved ones.
All necessary forces and means…
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) August 30, 2025
मर्डर का सीसीटीवी वीडियो
#BREAKING: Video footage of the Moment Former Ukrainian Speaker Andriy Parubiy Was Shot in Lviv.#AndriyParubiy #Ukraine #AndriyParubiyMurder #Lviv pic.twitter.com/oVKMpXqafp
— upuknews (@upuknews1) August 30, 2025
घटनास्थल पर अफरा-तफरी
स्थानीय पुलिस के अनुसार, आपातकालीन कॉल दोपहर करीब 12 बजे आई थी. जब तक मदद पहुंचती, पारुबिय की मौत हो चुकी थी. शुरुआत में पुलिस ने सिर्फ इतना कहा था कि किसी राजनीतिक व्यक्ति को गोली मारी गई है. बाद में, यूरोपीय सॉलिडेरिटी पार्टी (European Solidarity Party) की सांसद इरिना हेराशेंको (MP Iryna Herashchenko) ने पुष्टि की कि मारा गया व्यक्ति पारुबिय था.
पारुबिय की राजनीतिक पृष्ठभूमि
आंद्रे पारुबिय यूक्रेनी राजनीति में एक अहम चेहरा रहे हैं. उन्होंने 2014 की यूरोमैदान क्रांति (Euromaidan Revolution) में अहम भूमिका निभाई थी. यह वही आंदोलन था जिसने तत्कालीन राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच (Viktor Yanukovych) के रूस-समर्थक फैसलों के खिलाफ पूरे देश को सड़कों पर ला दिया था. राजधानी कीव (Capital Kyiv) के स्वतंत्रता चौक से शुरू हुआ यह आंदोलन भ्रष्टाचार और दमन के खिलाफ एक राष्ट्रीय विद्रोह में बदल गया.
आखिरकार यानुकोविच को देश छोड़ना पड़ा और इसके बाद रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया, जिससे पूर्वी यूक्रेन में संघर्ष शुरू हो गया.
जांच जारी है
यूक्रेनी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इस हत्या की जांच शुरू कर दी है. राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि हत्यारे को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा और उसे कड़ी सजा मिलेगी. इस घटना ने एक बार फिर यूक्रेन की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है.













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