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यादगार के रूप में बिक रहे बर्लिन वॉल के नकली टुकड़े?

बर्लिन की दीवार गिरने के लगभग 40 साल बाद भी जर्मनी की राजधानी बर्लिन में लोग इसके टुकड़े यादगार के रूप में खरीद सकते हैं.

यादगार के रूप में बिक रहे बर्लिन वॉल के नकली टुकड़े?
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

बर्लिन की दीवार गिरने के लगभग 40 साल बाद भी जर्मनी की राजधानी बर्लिन में लोग इसके टुकड़े यादगार के रूप में खरीद सकते हैं. लेकिन क्या यह टुकड़े सच में असली हैं?साल 1989 में जब बर्लिन की दीवार गिरी, तो पूर्वी जर्मनी का अंत तय था. लोग तुरंत ही हथौड़े और छेनी लेकर दीवार को तोड़ने लगे. जून 1990 तक बुलडोजरों के सहारे बर्लिन दीवार का ज्यादातर हिस्सा हटा दिया गया. आज की तारीख में इस दीवार के सिर्फ कुछ ही हिस्से बचे हैं, जो कि बर्लिन वॉल मेमोरियल और ईस्ट साइड गैलरी जैसी जगहों में देखे जा सकते हैं.

हालांकि, फिर भी दीवार के टुकड़े पूरे शहर में बड़ी संख्या में बिकते हुए दिख जाते हैं. चेकपॉइंट चार्ली म्यूजियम, स्मृति-चिह्न बेचने वाली दुकानें और यहां तक कि होटलों में भी इसके हजारों टुकड़े बिक्री के लिए सजे रहते हैं. अब, दीवार गिरे लगभग 40 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी यह रंगीन कंक्रीट के टुकड़े कम होते नहीं दिख रहे. आज भी यह कहीं फ्रिज मैग्नेट की शकल में, तो कहीं पोस्टकार्ड पर चिपका कर यादगार के रूप में बेचे जा रहे हैं. लेकिन इधर असल सवाल यह है कि इतने टुकड़े आखिर आ कहां से रहे हैं? क्या सच में यह ऐतिहासिक दीवार के टुकड़े हैं या कहीं और से लाए गए पत्थर?

कंक्रीट या प्लास्टर से बने टुकड़े

युलिआन साशा और उनके भाई सेबास्टियान साशा बर्लिन के राइनिकेनडॉर्फ इलाके में अर्बन प्रोडक्ट्स साशा लिमिटेड नाम की कंपनी चलाते हैं. उनकी कंपनी बर्लिन दीवार के असली टुकड़ों की सबसे बड़ी सप्लायर है. युलिआन ने डीडब्ल्यू से बातचीत में कहा, "बेशक दीवार के कुछ टुकड़े नकली हैं, जो कि प्लास्टर से बने होते हैं. लेकिन बाजार में बिक रहे ज्यादातर टुकड़े असली हैं."

साल 1992 से यह उनका फैमिली बिजनेस है. इसकी शुरुआत तब हुई, जब सेबास्टियान के ससुर ने बड़ी संख्या में दीवार के टुकड़े हासिल किए और उन्हें बेचने के लिए कंक्रीट स्लैब को छोटा-छोटा तोड़ना शुरू किया था.

साशा ने बताया, "हम बर्लिन की एक बड़ी सोवेनियर चेन को सप्लाई करते हैं, वही हमारे मुख्य ग्राहक हैं. हालांकि, ऑनलाइन स्टोर के जरिए हम दुनिया भर में भी टुकड़े भेजते हैं." सबसे ज्यादा टुकड़े अमेरिका, ब्रिटेन और चीन भेजे जाते हैं.

इसके अलावा, साल 2024 से यूरोप में 'द बर्लिन वॉल. ए वर्ल्ड डिवाइडेड' नाम की एक प्रदर्शनी भी चल रही है, जो अभी फिलहाल बार्सेलोना में है. इस प्रदर्शनी में भी बर्लिन दीवार के असली टुकड़े बेचे जा रहे हैं, जो कि सीधे राइनिकेनडॉर्फ से सप्लाई किए गए हैं.

नए रंग, पुरानी दीवार

अपनी वेबसाइट अर्बन प्रोडक्ट्स पर उन्होंने लिखा है कि दीवार के टुकड़ों को लेने के बाद उन पर चमकीले रंगों से स्प्रे पेंट किया जाता है, ताकि वह देखने में आकर्षक लगे. इन टुकड़ों की कीमत 9.90 यूरो यानी करीब सौ रुपये से शुरू होती है. जिसके साथ में एक प्रामाणिकता सर्टिफिकेट भी दिया जाता है, जो साबित करता है कि दीवार का यह टुकड़ा असली है. यहां तक कि जर्मनी की संसद भी इस कंपनी के ग्राहकों की सूची में शामिल है.

साशा कहते हैं कि उनका बिजनेस हाल फिलहाल में बंद होने वाला नहीं है, "हमारे पास अभी भी दीवार के 40 से 45 हिस्से स्टोरेज में रखे हुए हैं. जिसमें से 30 हिस्से बिल्कुल साबुत हैं और 10 से 15 हिस्सों को तोड़कर बिक्री के लिए तैयार कर दिया गया है." बर्लिन दीवार के कई टुकड़े दुनिया भर में फैले हुए हैं. 155 किलोमीटर लंबी कंक्रीट की इस दीवार के कई बड़े हिस्से (करीब 3.6 मीटर ऊंचे और 1.2 मीटर चौड़े स्लैब) दुनिया भर के अलग-अलग देशों में भेज दिए गए थे. हालांकि, इसके कई हिस्सों का आज भी पता नहीं है कि असल में वह कहां हैं.

युलिआन कहते हैं, "अगर कभी जरूरत पड़ती है तो हम और टुकड़े भी ला सकते हैं." लेकिन असल में पिछले कुछ सालों से इन टुकड़ों की मांग घटती जा रही है. इसलिए अब अर्बन प्रोडक्ट्स कंपनी धीरे-धीरे कंक्रीट के सोवेनियर से ध्यान हटाकर दूसरे उत्पादों पर जा रही है. बर्लिन की यह कंपनी धीरे-धीरे अपना मुख्य कारोबार पुराने जमाने के टिन साइन बोर्ड, बर्लिन के चाबी के छल्ले और अन्य यादगार वस्तुओं की ओर मोड़ रही है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 11, 2026 06:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).