Trump Warns China on Iran Arms Supply: ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को एक गंभीर चेतावनी जारी की है. रिपोर्ट्स के अनुसार, खुफिया जानकारी सामने आई है कि चीन आने वाले हफ्तों में ईरान को उन्नत वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense Systems) और अन्य हथियार भेजने की तैयारी कर रहा है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि चीन ऐसा कोई कदम उठाता है, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप ने सीधे शब्दों में कहा, "अगर चीन ऐसा करता है, तो चीन को बड़ी दिक्कतें होंगी.
ईरान के साथ बातचीत और सैन्य रुख
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है. जब उनसे यह पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान के फ्रीज किए गए एसेट्स को रिलीज करेगा, तो ट्रंप ने कहा, "हम देखेंगे कि क्या होता है. हम ईरान के साथ गहन बातचीत कर रहे हैं, और हम जीतेंगे ही." उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से मात दी है और वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित और साफ करने का काम किया जा रहा है. यह भी पढ़े: Iran-US Peace Talks: जंग को लेकर दुनिया में बढ़ी चिंता, इस्लामाबाद में विफल रही अमेरिका-ईरान शांति वार्ता, बिना किसी समझौते के लौटे प्रतिनिधिमंडल; VIDEO
चीन को डोनाल्ड ट्रंप की दोटूक चेतावनी
#WATCH चीन के ईरान को हथियार भेजने की खबरों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अगर चीन ऐसा करता है, तो चीन को बड़ी दिक्कतें होंगी।"
(सोर्स: US नेटवर्क पूल वाया रॉयटर्स) pic.twitter.com/cLfqiNXJtQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 12, 2026
ट्रंप ने अपने बयान में आगे कहा, "हम डील करें या न करें, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि हम पहले ही जीत चुके हैं. उन्होंने इस बात पर भी असंतोष जताया कि इस पूरे घटनाक्रम में नाटो (NATO) देशों ने अमेरिका की अपेक्षित मदद नहीं की। राष्ट्रपति का यह रुख स्पष्ट करता है कि अमेरिका अपने सैन्य हितों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर किसी भी समझौते के लिए पूरी तरह तैयार है, भले ही कूटनीतिक प्रयास जारी रहें.
तनाव का केंद्र: हथियार और रणनीतिक जलमार्ग
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन द्वारा ईरान को हथियारों की आपूर्ति न केवल क्षेत्रीय संघर्ष को और भड़का सकती है, बल्कि अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और अधिक बिगाड़ सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, वर्तमान में इस विवाद का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार प्राप्त न कर सके और यह जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सुरक्षित रहे.
वर्तमान में, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल के बीच पाकिस्तान में बातचीत का दौर चल रहा है। वाशिंगटन का स्पष्ट संदेश है कि शांति का मार्ग ईरान के व्यवहार और परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने पर ही निर्भर करता है। चीन को दी गई यह चेतावनी अमेरिका की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिनसे वह इस संघर्ष में बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप को रोकने के लिए दबाव बना रहा है.












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