पूर्वी जर्मन शहर लाइपजिग में एक व्यक्ति पैदल चलने वाली जगह पर कार लेकर घुस गया. उसकी चपेट में आने से अब तक दो लोगों की मौत हो गई है व कई लोग घायल हैं. पुलिस का कहना है कि ड्राइवर पकड़ लिया गया है और वह जर्मन नागरिक है.लाइपजिग के एक भीड़ भाड़ वाले इलाके में एक इंसान ने पैदल चल रहे लोगों की ओर कार चला दी. स्थानीय मीडिया आउटलेट 'लाइपजिगर फोल्क्सजाइटुंग' से बातचीत में शहर के मेयर बुर्कार्ड युंग ने कम से कम दो लोगों की मौत की पुष्टि की है. मेयर ने बताया कि "हमें मंशा के बारे में नहीं पता है. हम अपराधी के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं."
पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी पहचान जर्मन नागरिकता वाले 33 वर्षीय पुरुष के रूप में की है. पुलिस ने कार की चपेट में आने से लोगों को लगी चोटों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है. पुलिस का कहना है कि वे इलाके में सक्रिय ऑपरेशन चला रहे हैं और बाद में और अपडेट दे पाएंगे. इमरजेंसी सर्विस ने इसे 'मास कैजुएल्टी इंसीडेंट' बताया है.
लाइपजिग के स्थानीय ब्रॉडकास्टर 'रेडियो लाइपजिग' की रिपोर्ट में प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया है कि लोगों ने पैदल यात्री क्षेत्र में एक टूटी फूटी सी दिखने वाली फोक्सवागन को एसयूवी तेजी से जाते देखा. स्थानीय फायर चीफ आक्सेल शूह ने बताया है कि कम से कम दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 20 अन्य को मामूली चोटें आई हैं.
बर्लिन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित शहर लाइपजिग में छह लाख से अधिक लोग रहते हैं और यह पूर्वी जर्मनी के सबसे बड़े शहरों में से एक है.
जर्मनी में बढ़ते आम लोगों पर लक्षित हमले
हाल के सालों में कई और यूरोपीय देशों की तरह जर्मनी में भी कार से टक्कर मारने, भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ी चढ़ाने और चाकूबाजी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है. इनमें से कुछ के पीछे कोई धार्मिक कट्टरपंथी विचारधारा तो कुछ के पीछे राजनीतिक उद्देश्यों का पता चला था. कई अन्य मामलों में घटना को अंजाम देने वाले लोग मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझने वाले निकले.
जर्मनी में पिछले ही साल मानहाइम में ऐसी एक घटना में दो लोगों की जान चली गई थी. वहां एक 40 साल के व्यक्ति ने पैदल यात्रियों के समूह पर कार चढ़ा दी थी. यह घटना म्यूनिख में एक ट्रेड यूनियन प्रदर्शन पर हुए इसी तरह के हमले के कुछ ही हफ्तों बाद हुई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हुई थी और 40 से अधिक घायल हुए थे. इनमें कई बच्चे भी शामिल थे.
वहीं जर्मनी के ही पूर्वी शहर माग्देबुर्ग में एक क्रिसमस मार्केट में दिसंबर 2024 में हुए कार हमले में कई लोग मारे गए थे. वह घटना जर्मनी के ही एक पश्चिमी शहर सोलिंगन में एक उत्सव के दौरान हुए चाकूबाजी के हमले के कुछ महीनों बाद हुई थी.













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