फ्रांस में 'Block Everything' आंदोलन: सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी, सरकार के खिलाफ बढ़ा गुस्सा; Videos
Block Everything Movement in France | X

फ्रांस (France) में बुधवार को हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और देशभर में भारी हंगामा किया. प्रदर्शनकारियों ने ट्रैफिक बाधित किया, कचरे के डिब्बों को आग के हवाले किया और पुलिस से भिड़ गए. यह प्रदर्शन देश की राजनीति, सत्तारूढ़ वर्ग और प्रस्तावित बजट कटौती के खिलाफ था. सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे देश में सुरक्षा बल तैनात किए. पहले ही घंटों में लगभग 200 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. पश्चिमी शहर रेन (Rennes) में एक बस को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि दक्षिण-पश्चिम में बिजली लाइन को नुकसान पहुंचने से ट्रेनें रोकनी पड़ीं.

‘ब्लॉक एवरीथिंग’ मूवमेंट क्या है?

‘ब्लॉक एवरीथिंग’ (Block Everything) आंदोलन की शुरुआत मई में ऑनलाइन हुई थी. पहले यह दक्षिणपंथी समूहों द्वारा फ्रांस की राजनीतिक नेतृत्व और सख्त आर्थिक नीतियों का विरोध करने के लिए शुरू किया गया था. अब इसमें वामपंथी और अति-वामपंथी समूह भी शामिल हो गए हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से संगठित यह आंदोलन इतना विकेंद्रित है कि इसके पैमाने का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया.

सरकार ने 80,000 पुलिसकर्मी तैनात किए हैं, क्योंकि अनुमान है कि 1 लाख तक प्रदर्शनकारी इसमें हिस्सा ले सकते हैं. आंदोलनकारियों ने ट्रैफिक और रेलवे जैसी अहम जगहों को निशाना बनाने की योजना बनाई है.

फ्रांस की सड़कों में 'Block Everything' आंदोलन

सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

हालिया राजनीतिक संकट और जनता की नाराजगी

यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब संसद ने प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बेयरू (Francois Bayrou) को अविश्वास मत देकर हटा दिया था. उनका प्रस्ताव देश के बढ़ते कर्ज को नियंत्रित करने का था. राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) द्वारा सेबेस्टियन लेकोर्नू को पाँचवें प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किए जाने से विपक्ष का गुस्सा और भड़क गया है.

बोर्दो और टूलूज जैसे शहरों में प्रदर्शनकारियों ने ट्रैफिक रोकने की कोशिश की, जबकि नांत (Nantes) में राजमार्गों पर जलते टायर रखे गए. यूनियन प्रतिनिधि फ्रेड ने कहा, "समस्या मंत्री नहीं, बल्कि मैक्रों हैं. उनका काम करने का तरीका ही देश को संकट में डाल रहा है."

सरकार के खिलाफ गुस्सा

Yellow Vest आंदोलन जैसी झलक

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंदोलन 2018 के 'येलो वेस्ट' (Yellow Vest) आंदोलन की याद दिलाता है, जिसने ईंधन कीमतों के विरोध से शुरू होकर व्यापक आर्थिक असंतोष को जन्म दिया था. हालांकि, अभी तक सुरक्षा बलों ने समय रहते कई नाकेबंदी हटाकर फ्रांस को पूरी तरह ठप होने से बचा लिया है.

आने वाले दिनों में यूनियन स्ट्राइक और बड़े प्रदर्शन की योजना है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है. यह आंदोलन बताता है कि फ्रांस में जनता का गुस्सा बढ़ रहा है और सरकार के सामने संकट गहराता जा रहा है.