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बांग्लादेश ने नॉर्थ ईस्ट राज्यों को बताया अपना हिस्सा, मोहम्मद यूनुस ने PAK जनरल को गिफ्ट किया विवादित नक्शा

दरअसल, यूनुस ने अपने तोहफे में एक गलत नक्शा (Distorted Map) पेश किया, जिसमें भारत के पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया है.

बांग्लादेश ने नॉर्थ ईस्ट राज्यों को बताया अपना हिस्सा, मोहम्मद यूनुस ने PAK जनरल को गिफ्ट किया विवादित नक्शा
Photo | X/@ChiefAdviserGoB

नई दिल्ली: बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) एक बार फिर विवादों में हैं. पाकिस्तान के एक शीर्ष सैन्य अधिकारी को उन्होंने जो तोहफा दिया, उसने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में नई खाई पैदा कर दी है. दरअसल, यूनुस ने अपने तोहफे में एक गलत नक्शा (Distorted Map) पेश किया, जिसमें भारत के पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया है.

यह विवाद तब शुरू हुआ जब यूनुस ने यह नक्शा पाकिस्तान के ज्वॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के चेयरपर्सन जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को भेंट किया. यह तोहफा यूनुस के आधिकारिक X (Twitter) अकाउंट पर साझा की गई तस्वीरों में देखा गया. उपहार के रूप में दी गई किताब का शीर्षक था “Art of Triumph: Bangladesh’s New Dawn”, जो कथित तौर पर 2024 में हुए छात्र आंदोलन को समर्पित बताई जा रही है. वही आंदोलन जिसने शेख हसीना सरकार को सत्ता से बाहर किया था.

क्या है ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ की अवधारणा?

यह नक्शा ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ की उस विवादित विचारधारा से जुड़ा है, जिसे ढाका स्थित इस्लामी संगठन ‘सुल्तानत-ए-बांग्ला’ बढ़ावा देता है. इस नक्शे में सिर्फ भारत के पूर्वोत्तर राज्य ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा और म्यांमार के अराकान राज्य तक को बांग्लादेश का हिस्सा बताया गया है.

यूनुस के तोहफे ने भारत-बांग्लादेश रिश्तों में मचाई हलचल

यह नक्शा सबसे पहले अप्रैल 2025 में ढाका विश्वविद्यालय के एक प्रदर्शन में सामने आया था, जो बंगाली नववर्ष ‘पोइला बैशाख’ के अवसर पर आयोजित हुआ था. उस समय भी भारत में इसकी आलोचना हुई थी, और कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसे राज्यसभा में उठाया था.

यूनुस की भारत-विरोधी सोच

यह पहली बार नहीं है जब यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर को लेकर विवादित बयान दिया हो. अप्रैल 2025 में चीन दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश ही “क्षेत्र का एकमात्र समुद्री संरक्षक” है, जबकि भारत का पूर्वोत्तर हिस्सा “पूरी तरह स्थलीय और समुद्र से कटा हुआ” है.

उनके इस बयान के बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र “BIMSTEC देशों के लिए एक अहम कनेक्टिविटी हब” है, और यह भारत की रणनीतिक ताकत का प्रतीक है.

भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव की नई लकीर

शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से ही भारत और बांग्लादेश के संबंधों में ठंडक आई है. यूनुस की चीन और पाकिस्तान से बढ़ती नजदीकी भारत के लिए चिंता का विषय बन गई है. वहीं, शेख हसीना का भारत में शरण लेना ढाका में नए सत्ताधारियों को खटक रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.

भारत के सामने पहले भी उठे नक्शा विवाद

यह पहली बार नहीं है जब किसी पड़ोसी देश ने भारत के हिस्सों को अपने नक्शे में शामिल किया हो. चीन बार-बार अरुणाचल प्रदेश को ‘दक्षिण तिब्बत’ और अक्साई चिन को अपना हिस्सा बताता रहा है. 2023 में चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने जो नया नक्शा जारी किया था, उसमें अक्साई चिन और अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा दिखाया गया था. भारत ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था.

वहीं पाकिस्तान लगातार कश्मीर पर दावा जताता रहा है और पीओके (Pakistan Occupied Kashmir) को लेकर भारत से संघर्ष में है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 27, 2025 04:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).