Data Theft: UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल का बड़ा खुलासा, 79% यात्रियों को असुरक्षित चार्जिंग पोर्ट से डेटा चोरी का खतरा; रहें सावधान!
UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने चार्जिंग पोर्ट को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए चेतावनी जारी की है. काउंसिल के अनुसार, असुरक्षित पब्लिक चार्जिंग पोर्ट्स का इस्तेमाल करने से यात्रियों का व्यक्तिगत डेटा खतरे में पड़ सकता है.
Unsafe Charging Ports at Airports: UAE साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने चार्जिंग पोर्ट को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए चेतावनी जारी की है. काउंसिल के अनुसार, असुरक्षित पब्लिक चार्जिंग पोर्ट्स का इस्तेमाल करने से यात्रियों का व्यक्तिगत डेटा खतरे में पड़ सकता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 79% यात्री बिना सोचे-समझे पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर अपने डिवाइस चार्ज करते हैं, जिससे उनका डेटा चोरी (Data Theft) होने का जोखिम काफी बढ़ जाता है.
जूस जैकिंग अटैक का खतरा
काउंसिल ने बताया कि कई पब्लिक चार्जिंग पोर्ट्स में छुपा हुआ मालवेयर या हैकिंग सिस्टम मौजूद हो सकता है.यह जूस जैकिंग अटैक के जरिए डेटा चोरी करता है, जो फोन को जोडते ही अपने-आप एक्टिव होने वाले मीडिया या इमेज ट्रांसफर प्रोटोकॉल का फायदा उठाता है.
WAM से बातचीत में काउंसिल ने कहा कि सुरक्षात्मक उपायों की अनदेखी करने पर पासवर्ड चोरी, डेटा ब्रीच या फोन में मालवेयर इंस्टॉल होने का खतरा बढ़ जाता है. यह भी पढ़े: Cyberattack On Tata Jaguar Land Rover: टाटा की कंपनी जैगुआर लैंड रोवर पर बड़ा साइबर हमला, प्रोडक्शन ठप, सीक्रेट डेटा चोरी होने का खतरा
कंपनियां भी बनीं निशाना
रिपोर्ट के मुताबिक, 68% कंपनियों पर भी ऐसे ही हमलों के जरिए साइबर अटैक किए गए हैं, जिनकी शुरुआत असुरक्षित चार्जिंग पोर्ट्स से हुई.इन हमलों के कारण कंपनियों की डिजिटल सुरक्षा और डेटा दोनों प्रभावित हुए हैं. काउंसिल ने यह भी बताया कि अगर फोन ऐसे हमलों का शिकार हो जाए, तो तेज बैटरी ड्रेन, ऐप्स का धीमा चलना, बार-बार सिस्टम क्रैश होना, और अनजान मैसेज या चिन्ह दिखना इसके कुछ प्रमुख संकेत हो सकते हैं.
साइबर काउंसिल ने जारी किए महत्वपूर्ण निर्देश
साइबर सिक्योरिटी काउंसिल ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे हमेशा अपना निजी चार्जर साथ रखें और पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों के उपयोग से बचें. चार्जिंग के दौरान किसी भी डेटा ट्रांसफर रिक्वेस्ट को तुरंत रिजेक्ट करना चाहिए. इसके अलावा, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन जैसे बायोमेट्रिक लॉगिन का उपयोग करें और ऐप परमिशन की नियमित जांच करें ताकि कोई अनावश्यक एक्सेस न दिया जाए.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 24, 2025 08:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

