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ओसीएल के शेयरधारकों ने पेटीएम के साथ संबंधित पार्टी लेनदेन को दी मंजूरी

वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (ओसीएल) ने हाल ही में अपने पोस्टल मतदान परिणामों को स्टॉक एक्सचेंजों के साथ साझा किया, जिसके मुताबिक दो प्रस्ताव पारित किये गये हैं. इन दो प्रस्तावों में से पहला है - अपने सहयोगी पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) के साथ संबंधित पार्टी लेनदेन की मंजूरी और दूसरा है- कंपनी एसोसिएशन के अनुच्छेद 113 के तहत निर्देशकों को नामित करने के अधिकार के लिये अनुमोदन.

ओसीएल के शेयरधारकों ने पेटीएम के साथ संबंधित पार्टी लेनदेन को दी मंजूरी
पेटीएम (Photo: PTI)

नयी दिल्ली, 3 अप्रैल : वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (ओसीएल) ने हाल ही में अपने पोस्टल मतदान परिणामों को स्टॉक एक्सचेंजों के साथ साझा किया, जिसके मुताबिक दो प्रस्ताव पारित किये गये हैं. इन दो प्रस्तावों में से पहला है - अपने सहयोगी पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) के साथ संबंधित पार्टी लेनदेन की मंजूरी और दूसरा है- कंपनी एसोसिएशन के अनुच्छेद 113 के तहत निर्देशकों को नामित करने के अधिकार के लिये अनुमोदन. इन दोनों प्रस्तावों को शेयरधारकों का समर्थन मिला है. ओसीएल और पीपीबीएल की संबंधित पार्टी लेनदेन को 71 प्रतिशत से अधिक शेयरधारकों की मंजूरी मिली. इसमें 26 करोड़ से अधिक वोट 'निरस्त' के रूप में दिखाये गये क्योंकि वे संबंधित पार्टी सदस्य हैं. नियमों के अनुसार, संबंधित पार्टी के सदस्य या तो प्रस्ताव पर वोट करने से दूर रह सकते हैं या उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं. इस प्रस्ताव के लिये मिला अनुमोदन कंपनी के प्रति सभी शेयरधारकों के विश्वास और निरंतर समर्थन की पुष्टि करता है.

संबंधित पार्टी लेनदेन पर ओसीएल के प्रस्ताव का विवरण सभी शेयरधारकों के साथ एक विस्तृत नोट के जरिये साझा किया गया था, जिसे पूर्ण पारदर्शिता बनाये रखने के लिये 24 फरवरी 2022 को स्टॉक एक्सचेंजों को बताया गया. कंपनी ने इस नोट में जोर दिया था कि पीपीबीएल के साथ संबंधित पार्टी लेनदेन, किसी भी तरह से, अल्पसंख्यक शेयरधारकों के हित के लिये हानिकारक नहीं होगा और कंपनी के सर्वोत्तम हित में होगा. पेटीएम पेमेंट्स बैंक में ओसीएल की हिस्सेदारी शेयरधारक समझौते के तहत है. कंपनी और पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बीच सभी नयी व्यावसायिक व्यवस्थायें, या मौजूदा व्यावसायिक व्यवस्थाओं में बदलाव, आपसी सहमति से होती हैं, और इनके लिये ऑडिट समिति तथा बोर्ड का अनुमोदन जरूरी होता है. यह भी पढ़ें : निफ्टी गेटवे, सैमसंग दुनिया का पहला स्मार्ट टीवी एनएफटी प्लेटफॉर्म करेंगे विकसित

कंपनी के संस्थापक, जो पेटीएम पेमेंट्स बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं, वह ऑडिट समिति में नहीं हैं और बोर्ड तथा शेयरधारकों की बैठकों में इन मामलों पर मतदान नहीं करते हैं. पेटीएम का मजबूत कारोबारी आधार राजस्व में तेज वृद्धि के रूप में देखा जा सकता है. पेटीएम का राजस्व पिछली तिमाही में ही वार्षिक आधार पर 89 प्रतिशत 1,456 करोड़ रुपये हो गया. गत वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के पहले दो महीनों में, कंपनी ने अपने कारोबारों में अपना वर्चस्व बनाये रखा है.

गत वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के पहले दो महीनों के दौरान 41 लाख ऋण वितरण किया गया (449 प्रतिशत की सालाना वृद्धि), जिसका कुल ऋण मूल्य 2,095 करोड़ रुपये है, जो वार्षिक आधार पर 366 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है. इस दौरान जीएमवी 105 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 1,65,333 करोड़ रुपये यानी 22.2 अरब डॉलर और मासिक लेनदेन करने वालों में 41 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी, जो 695 लाख हो गयी. यह ऑफलाइन भुगतान व्यवसाय में अग्रणी बना हुआ है. इसके उपकरणों की संख्या बढ़कर 26 लाख हो गयी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2022 02:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).