'Artemis II' Mission: नासा का 'आर्टेमिस II' मिशन, चंद्रमा की उड़ान से पहले रॉकेट का हुआ 'कॉन्फिडेंस टेस्ट', मार्च में लॉन्चिंग की संभावना

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (National Aeronautics and Space Administration) यानी नासा (NASA) अपने महत्वाकांक्षी 'आर्टेमिस II' मिशन (Artemis II)  के जरिए इंसानों को दोबारा चंद्रमा के करीब भेजने की तैयारी में तेजी से आगे बढ़ रही है. हाल ही में नासा के इंजीनियरों ने रॉकेट की मजबूती और कार्यक्षमता जांचने के लिए एक महत्वपूर्ण 'कॉन्फिडेंस टेस्ट'  (Confidence Test) सफलतापूर्वक संपन्न किया. इस परीक्षण के बाद अब टीम प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर रही है, ताकि इसी महीने होने वाले दूसरे 'वेट ड्रेस रिहर्सल' की समयसीमा तय की जा सके. यह भी पढ़ें: NASA ने क्यों रोका आर्टेमिस-2 का लॉन्च? जानें क्या आई तकनीकी खराबी और अब कब पूरा होगा मिशन

परीक्षण के दौरान क्या हुआ?

12 फरवरी 2026 को किए गए इस परीक्षण के दौरान, नासा के ऑपरेटरों ने 'स्पेस लॉन्च सिस्टम' (SLS) रॉकेट के कोर स्टेज लिक्विड हाइड्रोजन टैंक को आंशिक रूप से भरा.

  • उद्देश्य: इस टेस्ट का मुख्य लक्ष्य उन नई सील (seals) की जांच करना था, जिन्हें हाल ही में बदला गया है. ये सील रॉकेट में ईंधन भरने वाले महत्वपूर्ण हिस्से में लगी होती हैं.
  • चुनौती: परीक्षण के दौरान टीम को ग्राउंड सपोर्ट उपकरणों में कुछ तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे हाइड्रोजन का प्रवाह कम हो गया. माना जा रहा है कि एक 'फिल्टर' में आई खराबी इसकी वजह हो सकती है, जिसे जल्द ही बदला जाएगा.

डेटा समीक्षा और अगला कदम

भले ही ईंधन प्रवाह में कमी आई, लेकिन नासा ने कहा कि वे कई प्रमुख उद्देश्यों में सफलता हासिल करने में कामयाब रहे. इंजीनियरों ने उस हिस्से का डेटा प्राप्त कर लिया है जहां पिछले रिहर्सल के दौरान 'लीक' की समस्या आई थी.

आने वाले सप्ताहांत में टीम उपकरणों का निरीक्षण करेगी और फिल्टर बदलने की प्रक्रिया पूरी करेगी. नासा ने स्पष्ट किया है कि यदि सभी मानक सही पाए जाते हैं, तो मार्च 2026 इस ऐतिहासिक मिशन के लिए सबसे शुरुआती संभावित 'लॉन्च विंडो' बनी रहेगी.

नासा ने चंद्र मिशन आर्टेमिस II के व्हीकल कॉन्फिडेंस टेस्ट का आयोजन किया

क्यों खास है आर्टेमिस II मिशन?

आर्टेमिस II मिशन नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम का पहला 'क्रूड मिशन' है.

  • मिशन का स्वरूप: इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन (Orion) स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर सुरक्षित पृथ्वी पर लौटेंगे.
  • महत्व: यह मिशन गहरे अंतरिक्ष में जीवन रक्षक प्रणालियों (Life-support systems) और परिचालन क्षमताओं का परीक्षण करेगा.
  • भविष्य की नींव: आर्टेमिस II की सफलता ही 'आर्टेमिस III' का मार्ग प्रशस्त करेगी, जिसका लक्ष्य इंसानों को चंद्रमा की सतह पर उतारना और वहां लंबे समय तक अन्वेषण के लिए आधार तैयार करना है.