Why Was NASA Artemis II Launch Postponed? अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने अपने महत्वाकांक्षी मून मिशन 'आर्टेमिस-2' (Artemis II) की लॉन्चिंग तैयारियों को फिलहाल रोक दिया है. मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर में एक महत्वपूर्ण 'वेट ड्रेस रिहर्सल' (ईंधन भरने का परीक्षण) के दौरान रॉकेट के मुख्य हिस्से में तकनीकी खराबी पाई गई. इसके बाद नासा ने फरवरी में लॉन्च की योजना को रद्द करते हुए अब मार्च के मध्य में लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है. यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि यह आधी सदी से भी अधिक समय के बाद इंसानों को चंद्रमा के करीब ले जाने वाला पहला क्रू मिशन होगा.
क्या रही लॉन्च रोकने की मुख्य वजह?
परीक्षण के दौरान जब इंजीनियर स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट में लगभग 7,00,000 गैलन क्रायोजेनिक ईंधन भर रहे थे, तब 'टेल सर्विस मास्ट अम्बिलिकल' (ईंधन पाइपलाइन) के पास लिक्विड हाइड्रोजन के रिसाव (Leak) का पता चला. वैज्ञानिकों ने पाया कि हाइड्रोजन का स्तर सुरक्षित सीमा से अधिक था. इसके अलावा, रॉकेट के एक RS-25 इंजन के सेंसर में भी खराबी दर्ज की गई, जो लॉन्च के लिए जरूरी सटीक तापमान नहीं दिखा पा रहा था.
'वेट ड्रेस रिहर्सल' में क्या हुआ?
नासा ने जानकारी दी कि उल्टी गिनती (Countdown) के दौरान जब घड़ी T-minus 5 मिनट और 15 सेकंड पर थी, तब स्वचालित सिस्टम ने रिसाव के कारण टेस्ट को रोक दिया. हाइड्रोजन की प्रकृति बहुत ही अस्थिर होती है और इसके अणु इतने छोटे होते हैं कि एक सूक्ष्म अंतर से भी बड़ा रिसाव हो सकता है. हालांकि इंजीनियरों ने सील को गर्म करके रिसाव रोकने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कारणों से परीक्षण को बीच में ही खत्म करना बेहतर समझा गया.
अब कब होगा ऐतिहासिक लॉन्च?
फरवरी के महीने में लॉन्च के लिए केवल कुछ ही दिन (8, 10 और 11 फरवरी) उपलब्ध थे. अब इन तारीखों पर लॉन्च संभव नहीं है, क्योंकि रॉकेट के डेटा की समीक्षा और खराब सील को बदलने में समय लगेगा. नासा अब मार्च 2026 की लॉन्च विंडो पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. नासा के प्रवक्ता ने कहा, "हमारी प्राथमिकता सुरक्षा है. हम इन कमियों को जमीन पर ही ठीक कर लेना चाहते हैं ताकि अंतरिक्ष में चालक दल को किसी खतरे का सामना न करना पड़े."
आर्टेमिस-2 मिशन का महत्व
आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाकर वापस धरती पर लौटेंगे. यह 10 दिनों का मिशन ओरियन कैप्सूल और SLS रॉकेट की अंतिम महत्वपूर्ण जांच है. इस मिशन की सफलता के बाद ही आर्टेमिस-3 मिशन के जरिए चंद्रमा की सतह पर इंसानों को उतारने की तैयारी की जाएगी.













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