शीला दीक्षित के निधन पर वीरेन्द्र सहवाग और गौतम गंभीर ने जताया शोक
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की शनिवार को हुई मौत से पूरा देश गमगीन है. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी वीरेन्द्र सहवाग और वर्तमान में बीजेपी नेता गौतम गंभीर ने भी शोक जताया है.
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित (Sheila Dikshit) की शनिवार को हुई मौत से पूरा देश गमगीन है. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी वीरेन्द्र सहवाग (Virender Sehwag) और वर्तमान में बीजेपी नेता गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने भी शोक जताया है. बता दें कि वो 81 साल की थी. शीला दीक्षित 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रहीं.
जानकारी के अनुसार सेहत खराब हो होने के बाद उन्हें एस्कॉर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां करीब दस दिन के इलाज के बाद सोमवार को ही वह अस्पताल से वापस घर लौटी थीं.
वीरेन्द्र सहवाग ने किया ये ट्वीट-
वीरेंद्र सहवाग ने शीला दीक्षित के निधन पर ट्वीट किया और कहा, ''शीला दीक्षित जी के निधन की दुखद खबर मिली. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और अपनों के साथ है.''
Sad to hear about the passing away of #SheilaDixit ji. Heartfelt condolences to her family and loved ones.
— Virender Sehwag (@virendersehwag) July 20, 2019
गौतम गंभीर ने ट्वीट कर जताई सवेंदना-
गौतम गंभीर ने भी ट्वीट किया और लिखा, ''मैं शीला दीक्षित जी के निधन से बेहद दुखी हूं. लोगों के लिए एक बड़ी चैम्पियन जिन्होंने अपनी जिंदगी दिल्ली की बेहतरी के लिए समर्पित कर दी. ये देश की राजधानी के लिए एक बड़ी क्षति है. मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं.''
I'm deeply saddened to hear about the untimely death of Sheila Dixitji. A fierce champion of the people, she dedicated her life to better Delhi. A huge loss for the capital. My thoughts and prayers are with her family and friends 🙏
— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) July 20, 2019
बता दें कि शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला जिले में में हुआ था. वे दिल्ली (Delhi) की तीन बार मुख्यमंत्री भी रहीं. 2014 में उन्हें केरल (Kerala) का राज्यपाल बनाया गया था. हालांकि, उन्होंने 25 अगस्त 2014 को इस्तीफा दे दिया था. वे इस साल उत्तर-पूर्व दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ीं थीं. हालांकि, उन्हें भाजपा (BJP) नेता मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) के सामने हार का सामना करना पड़ा था.
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ज्ञात हो कि शीला दीक्षित साल 1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद भी रहीं. बतौर सांसद वह लोकसभा की एस्टिमेट्स कमिटी का हिस्सा भी रहीं. शीला दीक्षित को दिल्ली का चेहरा बदलने का श्रेय दिया जाता है. उनके कार्यकाल में दिल्ली में विभिन्न विकास कार्य हुए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 20, 2019 05:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

