Team India: भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम(India National Cricket Team) में विश्व कप(ICC World Cup) से पहले टीम चयन हमेशा चर्चा और विवाद का विषय रहा है. कई बार शानदार फॉर्म, अनुभव और काबिलियत के बावजूद कुछ खिलाड़ियों को अंतिम स्क्वॉड में जगह नहीं मिल पाती, जिससे फैंस और क्रिकेट पंडित दोनों हैरान रह जाते हैं. ऐसा ही कुछ ICC विश्व कप इतिहास में कई बार देखने को मिला है. ताजा मामला शुभमन गिल (Shubman Gill) का है, जिन्हें टी20 विश्व कप 2026 की टीम से बाहर किया जाना भारतीय क्रिकेट के सबसे चौंकाने वाले फैसलों में गिना जा रहा है. आइए नज़र डालते हैं उन पांच भारतीय खिलाड़ियों पर, जिन्हें विश्व कप से ठीक पहले टीम इंडिया से ड्रॉप किए जाने का फैसला आज भी याद किया जाता है. क्या गौतम गंभीर बने रहेंगे टीम इंडिया के टेस्ट फॉर्मेट के कोच? हटाए जाने की बात इस रिपोर्ट ने मचाई खलबली
विश्व कप से पहले ये फैसले दिखाते हैं कि टीम चयन सिर्फ आंकड़ों और नामों पर नहीं, बल्कि रणनीति, संतुलन और उस समय की सोच पर निर्भर करता है. हालांकि, समय के साथ कई ऐसे फैसले इतिहास में गलत भी साबित हुए हैं, जिन्हें आज भी क्रिकेट फैंस भूल नहीं पाए हैं.
वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman): सबसे पहले बात वीवीएस लक्ष्मण की. भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज़ों में शुमार लक्ष्मण को 2003 वनडे विश्व कप की टीम में जगह नहीं मिली थी. उस समय टीम मैनेजमेंट ने एक अतिरिक्त ऑलराउंडर के तौर पर दिनेश मोंगिया (Dinesh Mongia) को चुनने का फैसला किया. बाद में तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने खुलासा किया था कि इस फैसले से लक्ष्मण इतने आहत हुए कि उन्होंने तीन महीने तक उनसे बात नहीं की. हैरानी की बात यह रही कि अपने पूरे करियर में लक्ष्मण को कभी भी विश्व कप खेलने का मौका नहीं मिला.
रोहित शर्मा (Rohit Sharma): रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का दूसरा नाम है. आज भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाज़ों में गिने जाने वाले रोहित को 2011 विश्व कप टीम से बाहर रखा गया था. यह वही टूर्नामेंट था जिसे भारत ने एमएस धोनी (MS Dhoni) की कप्तानी में घरेलू सरजमीं पर जीता. 2007 टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे रोहित खराब फॉर्म और टीम में अतिरिक्त स्पिनर शामिल करने की रणनीति के चलते चयन से बाहर हो गए थे. यह फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा झटका माना जाता है.
अंबाती रायडू (Ambati Rayudu): तीसरा और सबसे विवादित मामला अंबाती रायडू का रहा. 2019 वनडे विश्व कप से पहले रायडू को भारत की नंबर चार की समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा था. कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि यह स्थान रायडू का है. इसके बावजूद अंतिम समय में चयनकर्ताओं ने उन्हें बाहर कर दिया और ‘3D खिलाड़ी’ के तर्क के साथ विजय शंकर (Vijay Shankar) को टीम में शामिल किया गया. यह फैसला आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे विवादास्पद चयन फैसलों में गिना जाता है.
युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal): चौथा नाम युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) का है. 2021 टी20 विश्व कप से पहले चहल को टीम से बाहर किया जाना फैंस के लिए बड़ा झटका था. चार साल तक टीम इंडिया के प्रमुख स्पिनर रहे चहल उस समय टी20 फॉर्मेट में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों में शामिल थे. इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने राहुल चाहर (Rahul Chahar) को तरजीह दी, जिन्होंने उस समय भारत के लिए महज कुछ ही टी20 मैच खेले थे.
शुभमन गिल (Shubman Gill): अब बात मौजूदा और सबसे चौंकाने वाले फैसले शुभमन गिल की. भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान और टी20 टीम के उपकप्तान होने के बावजूद गिल को टी20 विश्व कप 2026 के स्क्वॉड में जगह नहीं मिली. हालिया टी20 फॉर्म में गिरावट और एशिया कप के दौरान उनके प्रदर्शन को लेकर हुई आलोचना उनके खिलाफ चली गई. भारतीय क्रिकेट में किसी मौजूदा उपकप्तान और तीनों फॉर्मेट में अहम खिलाड़ी को विश्व कप से बाहर करना एक अभूतपूर्व फैसला माना जा रहा है.













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