तेलंगाना हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि जो व्यक्ति अपनी पहली शादी के बारे में झूठ बोलकर धोखे से किसी महिला के साथ सहवास करता है, वह बलात्कार का दोषी है. न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य और बीआर मधुसूदन राव की खंडपीठ ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पहले से ही विवाहित है, तो हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत कोई भी बाद की शादी अमान्य है. यदि वह जानबूझकर किसी महिला को यह विश्वास दिलाकर गुमराह करता है कि वह उसकी वैध पत्नी है और शारीरिक संबंध बनाता है, तो वह आईपीसी की धारा 375 और 376 और बीएनएस की धारा 63 और 64 के तहत दोषी है. यह भी पढ़ें: स्मोकिंग पर बवाल! कोर्ट सुनवाई के दौरान वीडियो कॉल पर सिगरेट पीते दिखा शख्स, जज ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

पहली पत्नी से तलाक लिए बिना धोखे पर आधारित सहवास बलात्कार के समान है' - तेलंगाना हाई कोर्ट

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