कौन है अशोक खरात? मर्चेंट नेवी का 'कैप्टन' कैसे बना ढोंगी बाबा, यौन शोषण और 1000 करोड़ के साम्राज्य का काला सच

नासिक के स्वयंभू ज्योतिषी अशोक खरात उर्फ 'कैप्टन' पर यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं. जांच में 1000 करोड़ की संपत्ति और 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो सामने आए हैं.

स्वयंभू बाबा अशोक खरात महिलाओं का शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार (Photo Credits: X/@ss_suryawanshi)

मुंबई की एक स्थानीय अदालत ने रविवार को स्वयंभू ज्योतिषी और अंकशास्त्री अशोक खरात (Ashok Kharat), जिसे "कैप्टन" (Captain) के नाम से भी जाना जाता है, उसकी पुलिस हिरासत 1 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी है. मर्चेंट नेवी के सेवानिवृत्त अधिकारी खरात को 18 मार्च को यौन शोषण (Sexual Assault), ब्लैकमेल (Blackmail) और वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले ने महाराष्ट्र के राजनीतिक (Maharashtra Politics) गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, जिसके चलते कई बड़े इस्तीफे हुए और मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (Special Investigation Team) यानी एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है. यह भी पढ़ें: Ashok Kharat Video Download Link Scam: अशोक खरात वीडियो डाउनलोड लिंक स्कैम से रहें सावधान, डीपफेक के जरिए डेटा चोरी कर रहे हैं जालसाज

पारिवारिक पृष्ठभूमि और निजी जीवन

62 वर्षीय अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद से उनका निजी जीवन गहन जांच के घेरे में है. खरात की पत्नी, कल्पना खरात ने शुरुआत में अपने पति का बचाव करते हुए इन आरोपों को "निराधार" बताया था. उन्होंने स्थानीय मीडिया से कहा था कि खरात का ज्योतिष में रुझान केवल एक 'शौक' था, न कि कोई पेशेवर व्यवसाय.

ज्योतिष की दुनिया में आने से पहले खरात मर्चेंट नेवी में कार्यरत थे, जिसके कारण उन्हें "कैप्टन" की उपाधि मिली थी. वर्तमान में एसआईटी उनके परिवार से जुड़ी 52 संपत्तियों और लगभग 1,000 करोड़ रुपये के अनुमानित साम्राज्य के दस्तावेजों की जांच कर रही है.

यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब एक 35 वर्षीय महिला ने सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता का आरोप है कि खरात ने 2022 से तीन साल की अवधि में उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया. पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, खरात अपने आध्यात्मिक प्रभाव का उपयोग कर महिलाओं को अलग-थलग कर देता था और उन्हें 'अभिमंत्रित जल' या नशीले पदार्थ देकर उनका यौन शोषण करता था.

खरात के विलासितापूर्ण ठिकानों और मिर्गाँव स्थित ईशान्येश्वर मंदिर की तलाशी के दौरान पुलिस को 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं. जांचकर्ताओं का मानना है कि इन वीडियो का उपयोग पीड़ितों को चुप रखने और ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था.

डर का माहौल और धोखाधड़ी का तरीका

IPS अधिकारी तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व वाली एसआईटी ने खुलासा किया कि खरात अपने क्लाइंट्स को मानसिक रूप से नियंत्रित करने के लिए बनावटी सेटअप तैयार करता था. वह अनुष्ठानों के दौरान डर पैदा करने के लिए प्लास्टिक के सांप और बाघ की खाल जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करता था.

एक बार जब क्लाइंट डर जाता था, तो वह 'उपाय' के तौर पर इमली के बीजों को पवित्र वस्तु बताकर 10,000 से 1 लाख रुपये तक में बेचता था. एक पीड़िता ने तो खरात को 'मृत्यु दोष' दूर करने के नाम पर 21 देशों की विदेश यात्राएं भी करवाई थीं. यह भी पढ़ें: Viral Video Scandals: महाराष्ट्र और गोवा में 'वीडियो कांड' से सियासी भूचाल; झिरवाल, खरात और सोहम नायक मामलों ने हिलाया सार्वजनिक भरोसा

राजनीतिक प्रभाव और रूपाली चाकणकर का इस्तीफा

इस मामले के तार राजनीति से भी जुड़े हैं. महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को 20 मार्च को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. दरअसल, उनके कुछ पुराने वीडियो सामने आए थे जिसमें वह खरात के चरणों में अनुष्ठान करती दिख रही थीं. हालांकि चाकणकर ने स्पष्ट किया कि ये वीडियो कई साल पुराने हैं, लेकिन विपक्ष के भारी दबाव के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा.

30 मार्च 2026 तक खरात के खिलाफ कुल 10 FIR दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें आठ यौन शोषण और दो धोखाधड़ी से संबंधित हैं. एसआईटी को रोजाना दर्जनों संभावित पीड़ितों के फोन आ रहे हैं, जिससे इस मामले का दायरा और बढ़ने की आशंका है.

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