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Maharashtra CM Medical Assistance Fund: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष हुआ डिजिटल, मरीजों को 8 घंटे में मिलेगी मंजूरी, सेवा सीएम फडणवीस के हाथों लॉन्च

महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म और केंद्रीकृत 'वार रूम' लॉन्च किया है, जिससे मरीजों को त्वरित वित्तीय सहायता और पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी.

Maharashtra CM Medical Assistance Fund: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष हुआ डिजिटल, मरीजों को 8 घंटे में मिलेगी मंजूरी, सेवा सीएम फडणवीस के हाथों लॉन्च
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Maharashtra CM Medical Assistance Fund: महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष (CMMAF) के लिए एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और पेपरलेस बनाना है. सहयाद्री गेस्ट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस एकीकृत प्रणाली का उद्घाटन किया.

'वार रूम' से होगी योजनाओं की निगरानी

इस नई पहल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा राज्य स्तर पर स्थापित होने वाला केंद्रीकृत 'वार रूम' है. यह वार रूम एक मॉनिटरिंग हब के रूप में कार्य करेगा, जो प्राप्त आवेदनों, उनकी मंजूरी और फंड वितरण की रियल-टाइम ट्रैकिंग करेगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सिस्टम केवल एक आर्थिक सहायता तंत्र नहीं है, बल्कि मरीजों, अस्पतालों और सरकार के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में  काम करेगा, जिससे प्रशासनिक देरी को समाप्त किया जा सके.  यह भी पढ़े:  Marathi Mandatory in Schools: महाराष्ट्र सरकार की स्कूलों पर सख्ती, कक्षा 1-10 तक मराठी पढ़ाना अनिवार्य, नियम तोड़ने पर लगेगा ₹1 लाख का जुर्माना

महंगी चिकित्सा को सुलभ बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कैंसर जैसे गंभीर रोगों के महंगे इलाज पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इम्यूनोथेरेपी जैसे उपचारों के लिए एक इंजेक्शन की कीमत लगभग 2 लाख रुपये तक हो सकती है. उन्होंने जोर दिया कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए ऐसी महंगी चिकित्सा को सुलभ बनाना सरकार की प्राथमिकता है. नए सिस्टम के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक ही लाभ के लिए कई दावे न किए जाएं, ताकि सही और जरूरतमंद मरीजों तक मदद पहुंच सके.

डिजिटल प्लेटफॉर्म की मुख्य विशेषताएं

नया डिजिटल सिस्टम कई क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण को सरल बनाएंगे:

  • त्वरित निर्णय: वित्तीय सहायता के आवेदनों पर अब मात्र 8 कार्य घंटों के भीतर निर्णय लेने का लक्ष्य रखा गया है.

  • पेपरलेस वर्कफ्लो: पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे मरीजों को कागजी दस्तावेजों के साथ भटकना नहीं पड़ेगा.

  • सीधा हस्तांतरण (DBT): सहायता राशि सीधे संबंधित अस्पताल के खाते में जमा की जाएगी.

  • ऑनलाइन सत्यापन: आधार कार्ड और आय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाइन किया जाएगा.

  • व्यापक नेटवर्क: इस सिस्टम से राज्य के 3,000 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों को जोड़ा गया है.

रियल-टाइम ट्रैकिंग और सहायता तंत्र

मरीजों की सुविधा के लिए एसएमएस (SMS) और मोबाइल लिंक के जरिए आवेदन की स्थिति जानने की सुविधा दी गई है. साथ ही, एक समर्पित टोल-फ्री हेल्पलाइन और व्हाट्सएप सपोर्ट भी शुरू किया गया है. मोबाइल ऐप के एकीकरण से मरीज अपने नजदीकी अस्पताल, ब्लड बैंक और एम्बुलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. इसके अलावा, चैरिटेबल अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की जानकारी भी रियल-टाइम में मिलेगी.

सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को बढ़ावा

सरकार ने गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और कॉर्पोरेट जगत को सीएसआर (CSR) के माध्यम से जोड़ने के लिए एक स्वतंत्र पोर्टल विकसित किया है. मुख्यमंत्री सहायता कोष, अस्पताल और सीएसआर पार्टनर्स के बीच एक त्रिपक्षीय फंडिंग मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि जटिल और महंगी बीमारियों का इलाज संभव हो सके.

इस कार्यक्रम में अश्विनी भिड़े और प्रवीण परदेशी जैसे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जबकि राज्य भर के जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए. सरकार को उम्मीद है कि इस एकीकृत प्रणाली से प्रोसेसिंग समय में भारी कमी आएगी और महाराष्ट्र के कोने-कोने में बैठे मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2026 09:52 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).