TCS Nashik Case: धर्मांतरण आरोपों ने पकड़ा तूल, सख्त कानून की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

TCS Nashik Case: सुप्रीम कोर्ट में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक केंद्र से जुड़े कथित धार्मिक रूपांतरण मामले को लेकर एक याचिका दायर की गई है. इस याचिका में ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई और सख्त कानून बनाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि नासिक का मामला कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन की एक बड़ी प्रवृत्ति का हिस्सा हो सकता है. इसमें केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की गई है कि वे अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए मजबूत कदम उठाएं और कानून के अमल को सख्त करें. TCS Nashik: यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोपों के बीच टीसीएस नासिक के कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' करने का निर्देश

सख्त कानूनी ढांचे की मांग

याचिकाकर्ता ने कहा है कि जबरदस्ती, लालच या संगठित नेटवर्क के जरिए कराए गए धर्म परिवर्तन सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं. ऐसे मामलों को गंभीर अपराध मानते हुए सख्ती से जांच और कार्रवाई की जानी चाहिए.

याचिका में यह भी मांग की गई है कि धर्मांतरण से जुड़े मामलों के लिए विशेष अदालतों का गठन किया जाए, ताकि जांच और सुनवाई तेजी से हो सके. साथ ही यह भी कहा गया है कि संविधान धार्मिक स्वतंत्रता देता है, लेकिन यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य जैसे पहलुओं के अधीन है.

क्यों चर्चा में है TCS नासिक मामला

यह मामला टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नासा बीपीओ केंद्र से जुड़े आरोपों के कारण चर्चा में आया है. यहां कई कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न, मानसिक उत्पीड़न और धार्मिक दबाव से जुड़े आरोप लगाए हैं.

पुलिस ने कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर कई एफआईआर दर्ज की हैं. इनमें अनुचित व्यवहार, पीछा करने और कार्यस्थल पर गलत आचरण जैसे आरोप शामिल हैं. कुछ शिकायतकर्ताओं ने धार्मिक आधार पर दबाव और टारगेट किए जाने के आरोप भी लगाए हैं.

SIT जांच और गिरफ्तारियां

मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, इस केस में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है.

पुलिस का कहना है कि कुछ आरोपी मिलकर काम कर रहे थे और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क था. इस विवाद के बीच नासिक स्थित केंद्र में कामकाज को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर वर्क फ्रॉम होम करने को कहा गया है. अधिकारियों ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.