Maharashtra Tops in Crime Against Children: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. साल 2024 में महाराष्ट्र 24,171 दर्ज मामलों के साथ देश में पहले स्थान पर रहा है. वहीं, भारत के प्रमुख शहरों की बात करें तो मुंबई 3,374 मामलों के साथ देश में दूसरे पायदान पर है. यह आंकड़े राज्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं.
पिछले तीन वर्षों से लगातार बढ़ रहे हैं आंकड़े
आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में पिछले तीन सालों से लगातार इजाफा हो रहा है. साल 2022 में राज्य में ऐसे 20,762 मामले दर्ज किए गए थे, जो 2023 में बढ़कर 23,390 हो गए और अब 2024 में यह संख्या 24,171 तक पहुंच गई है. ठीक इसी तरह मुंबई में भी ग्राफ बढ़ा है. मुंबई में साल 2022 में 3,178 और 2023 में 3,110 मामले सामने आए थे, जो 2024 में बढ़कर 3,374 हो गए हैं. यह भी पढ़े: Cyber Crime effect on School Children: जामताड़ा में स्कूली बच्चे बन रहे साइबर क्राइम के मास्टर, आठवीं व दसवीं के दो छात्रों ने मिलकर ठगे 50 लाख
मुंबई में पॉक्सो और अपहरण के मामलों की स्थिति
मुंबई में दर्ज कुल मामलों में से 1,416 मामले यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 660 मामले दुष्कर्म (Rape) के हैं. इसके अलावा, शहर में बच्चों के अपहरण के 1,831 मामले दर्ज हुए. इनमें से 1,587 मामले ऐसे बच्चों के हैं जो लापता हुए और उन्हें कानूनन अपहरण की श्रेणी में रखा गया. मुंबई में बच्चों की हत्या के 8 मामले भी सामने आए हैं, जिनमें एक मामला दुष्कर्म के बाद हत्या का है.
पूरे महाराष्ट्र में अपराधों का गंभीर पैटर्न
अगर पूरे महाराष्ट्र राज्य की बात करें, तो 2024 में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कुल 9,432 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 4,829 दुष्कर्म के मामले शामिल हैं. लड़कियों को जबरन शादी के लिए मजबूर करने और उनके अपहरण के 44 मामले सामने आए हैं. इसके अलावा, राज्य भर में बच्चों की हत्या के 110 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 13 मामलों में हत्या से पहले दुष्कर्म की बात सामने आई है. साथ ही, कन्या भ्रूण हत्या के 19 और बच्चों को लावारिस छोड़ने के 106 मामले भी रिकॉर्ड में आए हैं.
अपहरण और गुमशुदगी सबसे बड़ी चुनौती
राज्य में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में अपहरण (Kidnapping and Abduction) सबसे बड़ी श्रेणी बनकर उभरा है. साल 2024 में महाराष्ट्र में कुल 12,950 अपहरण के मामले दर्ज किए गए. इनमें से 8,652 मामले लापता बच्चों के हैं, जिन्हें तकनीकी रूप से अपहरण माना गया है. इसके अतिरिक्त, फिरौती के लिए अपहरण के 18 मामले और हत्या के इरादे से किए गए अपहरण के 6 मामले भी इस सूची में शामिल हैं.













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