FACT CHECK: सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कल सीएम योगी गुरुद्वारे गए थे, जहां दीवार पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीर पहले से ही लगी थी. एक्य यूजर @surya_samajwadi ने दोनों नेताओं में कंपेयर करते हुए लिखा, '' योगी कभी भी अखिलेश की लोकप्रियता का एक प्रतिशत भी नहीं बन पाएंगे. क्योंकि वे एक रंग के हैं और अखिलेश को सभी रंग पसंद हैं. लेकिन सच ये है कि ये दावा पूरी तरह से गलत और भ्रामक है. अब इसकी सच्चाई सामने आ गई है.
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'CM योगी गुरुद्वारा गए, जहां अखिलेश यादव की तस्वीर लगी थी'
कल सीएम योगी गुरुद्वारा गए थे वहां अखिलेश जी की पहले से ही तस्वीर लगी थी
अखिलेश जी की लोकप्रियता का एक प्रतिशत भी योगी कभी लोकप्रिय नहीं हो पाएंगे क्योंकि एकरंगी है और अखिलेश जी को सभी रंग पसंद है pic.twitter.com/7z3YvVLlFr
— Surya Samajwadi (@surya_samajwadi) July 13, 2025
वीडियो गुरुद्वारे का नहीं, बल्कि सीएम के सरकारी आवास की है
जो बोले सो निहाल!
सत् श्री अकाल!
आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप का आगमन हुआ।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी संपूर्ण मानवता के लिए एक प्रेरणापुंज हैं। pic.twitter.com/VPl6yHPIEv
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 12, 2025
फैक्ट चेक में ऐसे हुआ खुलासा!
फैक्ट चेक करने पर पता चला कि ये तस्वीर किसी गुरुद्वारे की नहीं, बल्कि लखनऊ में सीएम के सरकारी आवास की है. अखिलेश यादव जब यूपी के सीएम थे, उसी दौरान उनकी तस्वीर वहां लगी थी, जो अब भी वहां मौजूद है. गुरुद्वारे में किसी नेता की तस्वीर लगाने की परंपरा नहीं होती, क्योंकि ये सिख धर्म का पवित्र स्थान है, जहां सिर्फ गुरुओं की इज्जत की जाती है. ये बात गुरुद्वारा साहिब के नियमों से भी साफ है.
सीएम योगी ने भी शेयर की तस्वीर
इस मामले में योगी आदित्यनाथ की तरफ से भी बयान आया है, जिसमें उन्होंने अपनी गुरुद्वारा यात्रा की तस्वीरें शेयर कीं और साफ किया कि वहां कोई राजनीतिक तस्वीर नहीं थी. वहीं, X पर एक यूजर ने इस फर्जी दावे को 'मिसलीडिंग' करार देते हुए इसे बेनकाब किया. उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर ऐसी फर्जी खबरें फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जाती है, खासकर राजनीतिक रंजिश के चलते.
फेक वीडियो से बचने की कोशिश करें
ये घटना हमें एक सबक देती है कि सोशल मीडिया की हर खबर पर भरोसा करने से पहले उसे जांच लें. आजकल राजनीतिक तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं. एक हालिया स्टडी के मुताबिक, चुनाव के वक्त फोटो एडिटिंग के मामले 40% तक बढ़ जाते हैं.
तो अगली बार जब कोई वायरल पोस्ट देखें, तो पहले फैक्ट चेक कर लें, ताकि सच्चाई आपके सामने रहे.













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