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Madhya Pradesh: श्योपुर में सरकारी स्कूल के बच्चों को प्लेट की जगह रद्दी कागज में परोसा गया खाना, हैरान करने वाला वीडियो वायरल

शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सरकारी स्कूल के बच्चे प्लेट की जगह कागज के टुकड़ों पर मिड-डे मील खाते हुए दिख रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, यह चौंकाने वाली घटना मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की है. सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहे इस क्लिप में विजयपुर ब्लॉक के हुल्लपुर गांव के एक मिडिल स्कूल के छात्र ज़मीन पर बैठे दिख रहे हैं. वे कागज के टुकड़ों पर परोसा गया खाना खा रहे थे.

Madhya Pradesh: श्योपुर में सरकारी स्कूल के बच्चों को प्लेट की जगह रद्दी कागज में परोसा गया खाना, हैरान करने वाला वीडियो वायरल
रद्दी कागज पर बच्चों को परोसा गया खाना (Photo Credits: X)

Madhya Pradesh News: शुक्रवार को सोशल मीडिया (Social Media) पर एक वीडियो वायरल (Viral Video) हो रहा है, जिसमें सरकारी स्कूल (Government School) के बच्चे प्लेट की जगह कागज के टुकड़ों (Scrap Paper) पर मिड-डे मील (Mid-Day Meal) खाते हुए दिख रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, यह चौंकाने वाली घटना मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के श्योपुर (Sheopur) जिले की है. सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहे इस क्लिप में विजयपुर ब्लॉक के हुल्लपुर गांव के एक मिडिल स्कूल के छात्र जमीन पर बैठे दिख रहे हैं. वे कागज के टुकड़ों पर परोसा गया खाना खा रहे थे. वीडियो में यह भी दिख रहा है कि बच्चे स्कूल कंपाउंड के फर्श पर बिना किसी छत के बैठे हैं और प्लेट की जगह फटे हुए कागज के टुकड़ों पर खाना खा रहे हैं.

मामला सामने आने के बाद, श्योपुर के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर अर्पित वर्मा ने तुरंत जांच के आदेश दिए. सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) ने घटना की पुष्टि की. जांच के बाद, खाना देने वाले सेल्फ-हेल्प ग्रुप को हटा दिया गया. साथ ही, स्कूल के प्रिंसिपल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. यह भी पढ़ें: VIDEO: झांसी में वेंडर की दादागिरी! महंगे खाने को लेकर हुआ विवाद, यात्री की बेल्ट से की जमकर पिटाई, अंडमान एक्सप्रेस का वीडियो आया सामने

प्लेट की जगह रद्दी कागज में बच्चों को परोसा गया खाना

इस घटना ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM पोषण) योजना के लागू होने में कमियों को उजागर किया है. इस योजना का मकसद सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों को पौष्टिक और साफ-सुथरा खाना देना है.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 6 नवंबर को मध्य प्रदेश के 88,299 स्कूलों में से 87,567 स्कूलों में मिड-डे मील परोसा गया, जिससे उस दिन 732 स्कूलों में खाना नहीं मिला. सत्ताधारी बीजेपी ने 2023 के विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में मिड-डे मील की क्वालिटी सुधारने का वादा किया था.

पंचायत, महिला एवं बाल विकास और स्कूल शिक्षा विभागों ने पहले बच्चों को बेहतर पोषण देने के लिए टेट्रा-पैक्ड दूध और पौष्टिक भोजन शामिल करने पर चर्चा की थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 08, 2025 10:17 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).