Is the 'Cow Saving Child from Tiger Attack' Video Real or Fake? गाय ने बाघ के हमले से बच्चे को बचाया? जानें वायरल वीडियो का सच

Cow Saving Child from Tiger Attack: इंटरनेट पर इन दिनों एक वीडियो (आज का वायरल वीडियो: ) तेजी से प्रसारित हो रहा है जिसे देख लोग दंग रह जा रहे हैं. इस वीडियो में एक छोटे बच्चे पर एक बाघ हमला करने की कोशिश करता है, तभी एक गाय बीच में आकर बाघ से भिड़ जाती है और बच्चे की जान बचा लेती है. इस वीडियो को "ममता और बहादुरी" का उदाहरण बताकर लाखों बार साझा किया जा चुका है. हालांकि, गहन जांच और फैक्ट चेक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यह वीडियो किसी कैमरे में कैद हुई वास्तविक घटना नहीं है, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है.

वीडियो की विसंगतियां और एआई के संकेत

वायरल वीडियो को करीब से देखने पर कई ऐसी खामियां नजर आती हैं जो इसके नकली होने की पुष्टि करती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, वीडियो में बाघ और गाय की शारीरिक बनावट और उनकी गति (Movement) प्राकृतिक नहीं लग रही है.

शारीरिक बनावट: वीडियो के कुछ फ्रेम में जानवरों के पैर और शरीर के अंग आपस में घुलते हुए दिखाई देते हैं, जो अक्सर एआई जनरेटेड वीडियो में होता है.

बैकग्राउंड: वीडियो का बैकग्राउंड और लाइट शेडो (Shadows) वास्तविक वातावरण से मेल नहीं खाते.

डिजिटल एडिटिंग: वीडियो के कोने पर कुछ धुंधले वॉटरमार्क और एआई टूल के निशान देखे गए हैं जो इसकी वास्तविकता पर सवाल उठाते हैं.

AI द्वारा बनाया गया वीडियो जिसमें गाय बाघ के हमले से बच्चे को बचा रही है, वायरल हो गया है

भावनात्मक कंटेंट और सोशल मीडिया का प्रभाव

यह वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि "जानवर भी इंसानियत समझते हैं". भावनात्मक रूप से प्रभावित करने वाले ऐसे वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर बहुत जल्दी वायरल हो जाते हैं. कई यूजर्स बिना इसकी सत्यता जांचे इसे सच मान रहे हैं. यह घटना दर्शाती है कि कैसे एआई तकनीक का उपयोग करके लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा सकता है और भ्रम फैलाया जा सकता है.

फैक्ट चेक का निष्कर्ष

विभिन्न फैक्ट चेक संस्थाओं ने इस वीडियो का विश्लेषण किया है. जांच में पाया गया कि इस तरह की कोई भी घटना हाल के दिनों में कहीं भी दर्ज नहीं की गई है. वीडियो में इस्तेमाल किए गए विजुअल्स पूरी तरह से डिजिटल रूप से निर्मित हैं. यह पहली बार नहीं है जब एआई द्वारा बनाए गए जानवरों के वीडियो को वास्तविक बताकर फैलाया गया हो. इससे पहले भी कई 'डीपफेक' वीडियो समाज में भ्रम पैदा कर चुके हैं.